नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने किसानों के राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार (26 मई) को प्रस्तावित मार्च के मुद्दे पर गौर करने से मंगलवार को इंकार कर दिया। नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन के छह महीने पूरे होने पर किसान यह मार्च निकालने वाले हैं।

किसानों को दिल्ली की सीमाओं की तरफ बढ़ने से रोकने और पुलिस को कोविड-19 के दिशानिर्देश लागू करने का आदेश देने के लिए मौखिक अपील की गई।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि किसान प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई चल रही है और उच्च न्यायालय इस पर गौर नहीं करेगा।

पीठ जब कोविड-19 से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई के लिए बैठी तो मामले को पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया।

वकील धनंजय ग्रोवर और प्रवीण शर्मा ने कहा कि करीब एक लाख किसान दिल्ली पहुंच चुके हैं तथा बुधवार को आयोजित होने वाले प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए और किसान दिल्ली आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इसे नहीं रोका गया तो प्रदर्शन स्थल कोविड-19 संक्रमण का ‘सुपर स्प्रेडर’ बन जाएगा।

केंद्र सरकार के विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले वर्ष नवंबर में शुरू हुए किसान प्रदर्शन के 26 मई को छह महीने पूरे होने के परिप्रेक्ष्य में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने किसानों से राजधानी की तरफ मार्च करने की अपील की है।