एक्ट्रेस जूही चावला द्वारा 5G वायरलेस नेटवर्क को स्थापित करने के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. वहीं, बुधवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जूही चावला से 5G वायलेस नेटवर्क स्थापित करने के खिलाफ सीधे तौर पर मुकदमा दायर करने को लेकर सवाल किया.

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जस्टिस जे आर मिधा ने कहा कि वादी चावला और दो अन्य को अपने अधिकारों के लिए पहले सरकार से संपर्क करने की जरूरत है और अगर इनकार किया जाता है, तो उन्हें अदालत में आना चाहिए.

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अदालत ने विभिन्न पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुकदमे पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया.

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याचिका में दावा किया गया है कि 5G वायरलेस तकनीक की योजना से मनुष्यों पर गंभीर, अपरिवर्तनीय प्रभाव और पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र को स्थायी नुकसान होने का खतरा है.

चावला, वीरेश मलिक और टीना वाचानी द्वारा दायर किए गए मुकदमे में कहा गया है कि अगर दूरसंचार उद्योग की 5G की योजना सफल होती है, तो पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति, पशु, पक्षी, कीट और पौधा 24 घंटे और साल में 364 दिन, आरएफ विकिरण के स्तर तक जो आज की तुलना में 10 गुना से 100 गुना अधिक है, जोखिम से बचने में सक्षम नहीं होगा.

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