देश में 18 वर्ष की आयु से ऊपर के सभी लोगों को कोरोना वायरस टीका लगाने पर 67,193 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा. इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) के आंकडों के मुताबिक इसमें 46,323 करोड़ का खर्चा राज्य सरकारों पर आएगा.  

कोविड-19 की दूसरी लहर देश में तेजी से बढ़ी है, जिसके बाद सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण का दायरा व्यापक करने की घोषणा की. इसके तहत, 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्ति एक मई से कोविड-19 टीके की खुराक प्राप्त करने के पात्र होंगे.

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इंडिया रेंटिग्स का कहना है, "इसका मतलब है कि 133.26 करोड़ की कुल आबादी में से जो अब टीकाकरण के लिए पात्र जनसंख्या होगी उसकी संख्या 84.19 करोड़ है."

इंडिया रेटिंग्स की गणना के अनुसार, "इस काम पर 67,193 करोड़ रुपये की लागत आ सकती है, जो जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 0.36 प्रतिशत बैठता है. जिसमें से केंद्र सरकार 20,870 करोड़ रुपये और सभी राज्य सरकारों पर सामूहिक रूप से 46,323 करोड़ रुपये खर्च आयेगा."

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सरकार ने कोरोना वायरस टीके के मूल्य निर्धारण, खरीद, पात्रता और प्रशासन को लचीला बनाया है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों को निर्माताओं से सीधे अतिरिक्त कोविड-19 टीके लेने की अनुमति दी गई है.

With PTI inputs

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