इनकम टैक्स (Income Tax) की योजनाओं में बच्चों की ट्यूशन फीस को भी शामिल कर सकते हैं. इनकम टैक्स कानून, 1961 के सेक्शन 80C के तहत ट्यूशन फीस पर आपको टैक्स में छूट दी जाती है. इसलिए बच्चों की ट्यूशन फीस की रकम को आप 1.5 लाख रुपये की टैक्स फ्री निवेश राशि में शामिल कर सकते हैं. क्योंकि ट्यूशन फीस को आपकी सालाना कमाई में घटा दी जाती है.

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ट्यूशन फीस को आपके निवेश के तौर पर देखा जाता है और आपकी सालाना कमाई में घटा दी जाती है. इससे आपकी टैक्स देनदारी कम हो जाती है. हालांकि आपको बता दें, स्कूल और कॉलेज में दी जानी वाली फीस में ट्यूशन फीस पर ही आप लाभ ले सकते हैं.

सभी संस्थानों की ट्यूशन फीस पर मिलती है छूट?

आपको बता दें, भारत सरकार के साथ पंजीकृत किसी भी स्कूल, कॉलेज या अन्य शिक्षा संस्थान में दाखिले के समय या वित्त वर्ष में किसी भी समय भरी गई फीस टैक्स लाभ के लिए मान्य होती है.

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किस तरह की शिक्षा पर मिलेगा लाभ?

आपको यह भी बता दें हर तरह की शिक्षा पर आप ये लाभ नहीं ले सकते हैं. शिक्षा संस्थान का पूर्णकालिक संस्थान होना जरूरी है. इसमें प्ले स्कूल, प्री-नर्सरी और नर्सरी कक्षाएं भी शामिल हैं. यह संस्थान निजी, सरकारी या सरकारी मदद से चलने वाला हो सकता है.

कितने बच्चों पर मिलती है छूट?

इनकम टैक्स में ट्यूशन फीस पर मिलने वाली छूट दो बच्चों की स्कूल फीस तक ही सीमित होती है. अगर माता-पिता दोनों ही कामकाजी हैं, तो वे अलग-अलग तरीके से इस छूट का फायदा उठा सकते हैं.

यदि माता और पिता दोनों ने कुल 2 लाख रुपये की ट्यूशन फीस जमा की है, जिसमें पिता ने 50,000 रुपये और माता ने 1.5 लाख रुपये की भुगतान किया है, तो वे इसी राशि पर ही छूट प्राप्त कर सकते हैं.

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