मध्यप्रदेश के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के विस्तारीकरण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान एक बार फिर सैकड़ों साल पुराने मंदिर के अवशेष मिले है. इसमें दुर्गा मूर्ति के अलावा पुराने मंदिर को बनाने में इस्तेमाल हुए पत्थर के टुकड़े शामिल हैं. आपको बता दे कि इससे पहले दिसंबर 2019 में भी प्राचीन शिलालेख मिले थे.

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मंदिर के नेमुकदार पुजारी एवं पुराविद पं आनंद शंकर व्यास के अनुसार इस बार मिली मूर्तियां भी 700 से 1000 साल पुरानी हो सकती है. इन्हें फिलहाल मंदिर के अन्न क्षेत्र में रखवाया गया है. मंदिर में अवशेषों के बारे में इतिहासकारों का मानना है कि खुदाई में मिले स्थापत्य खंड किसी मंदिर के प्रतीत होते हैं.

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आपको बता दें कि महाकाल मंदिर में पहले भी 1000 साल पुराने परमारकालीन अवशेष मिले थे. इस बार खुदाई के दौरान मंदिर के स्थापत्य खंड मिले हैं. इन्हें देखकर पता चलता है कि ये भी परमारकालीन है.

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मंदिर के नेमुकदार पुजारी पंडित व्यास के अनुसार ये अवशेष करीब सन 1232 के हैं, जब दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश ने उज्जैन पर हमला किया था. उसने मंदिर को भी नुकसान पहुंचाया था. जो अवशेष मिले हैं, उससे पता चलता है कि मूर्तियों को घन और हथोड़े से तोड़ा गया था. चूंकि मूर्तियां और पत्थर सहज रूप से नहीं टूटे हैं, इसलिए संभव है कि दिल्ली के सुलतान ने हमले में इन्हें तोड़ा हो.

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