हुर्रियत के नेता सैयद अली शाह गिलानी का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है. वह काफी समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन के बारे में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर जानकारी दी है.

महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा, गिलानी साहब के निधन की खबर से दुखी हूं. हम ज्यादातर बातों पर सहमत नहीं हो सके, लेकिन मैं उनकी दृढ़ता और उनके विश्वासों के साथ खड़े होने के लिए उनका सम्मान करती हूं. अल्लाह उन्हें जन्नत और उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना प्रदान करें.

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वह कश्मीर के काफी लोकप्रिय नेता थे. उन्हें लोग प्यार से 'बाब' कहते थे.

सैयद अली शाह गिलानी पहले जमात-ए-इस्लामी कश्मीर के सदस्य थे. लेकिन बाद में तहरीक-ए-हुर्रियत के नाम से अपनी पार्टी की स्थापना की थी. उन्होंने जम्मू और कश्मीर में अलगाववादी दलों के समूह, ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. वह जम्मू और कश्मीर के सोपोर निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार 1972,1977 और 1987 में विधायक रहे.

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सैयद अली शाह गिलानी का जन्म कश्मीर के सोपोर जनपद के दुरु गांव में हुआ था. उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन 1950 में शुरू किया था.

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