भारत में व्यापक रूप से खाया जाने वाला डेयरी उत्पाद, दूध या घी, जो गाय के दूध से बनता है, कई घरों में एक महत्वपूर्ण घटक है. वनस्पति तेलों के अस्तित्व में आने से पहले, भोजन मुख्य रूप से घी में पकाया जाता था. समय के साथ, हालांकि, घी ने अपनी प्रधानता खो दी और अब अक्सर विशेष अवसरों पर खाना पकाने के मामलों का हिस्सा होता है. 99.5 प्रतिशत वसा (जिनमें से 62 प्रतिशत संतृप्त वसा है) से बना घी भी कई आयुर्वेदिक दवाओं में एक महत्वपूर्ण घटक है.

अगर आप कभी भी अपने घी या दूध की गुणवत्ता के बारे में अनिश्चित होते हैं, तो यहां कुछ आसान तरकीबें दी गई हैं जिन्हें आप बुकमार्क कर सकते हैं और अगली बार जब आपको कोई संदेह हो तो इसका संदर्भ लें.

यह भी पढ़ें: रात में नहाने के इतने फायदे पहले नहीं सुने होंगे आपने

FSSAI के मुताबिक, नकली और असली दूध की पहचान करने के लिए इस तरीके को अपनाया जा सकता है.

1.सबसे पहले एक पॉलिश और ढलान वाली जगह पर दूध की एक बूंद डालें.अगर दूध असली होगा, तो वह रुका रहेगा या धीरे-धीरे नीचे जाएगा और अपने पीछे सफेद रंग की एक लंबा निशान छोड़ता जाएगा.वहीं अगर दूध में पानी मिलाया गया है, तो वह बिना कोई निशान छोड़े नीचे सरक जाएगा.

2.5ml से 10ml दूध लेकर इतने ही पानी में मिलाएं. इस मिश्रण को अच्छी तरह हिलाएं. अगर दूध में डिटर्जेंट मिला हुआ है, तो दूध में साबुन का गाढ़ा झाग उठने लगेगा.शुद्ध दूध के ऊपर हिलाने के कारण हल्का झाग आएगा.

यह भी पढ़ें: दाल ही नहीं इसके पानी के भी हैं कई फायदे, आज से ही शुरू कर दे इसका सेवन

असली और नकली घी को कैसे पहचानें (fake or pure ghee test)

1.सबसे आसान उपायों में से एक है एक बर्तन में एक चम्मच घी गर्म करना. अगर घी तुरंत पिघल कर गहरे भूरे रंग का हो जाए तो यह शुद्ध गुणवत्ता का होता है. हालांकि, अगर इसे पिघलने में समय लगता है और इसका रंग हल्का पीला हो जाता है, तो इससे बचना सबसे अच्छा है.

2.एक पारदर्शी बर्तन में आधा चम्मच घी या मक्खन डालें.अब इसमें 2 से 3 बूंद आयोडीन टिंक्चर डालें.अगर घी के अंदर शकरकंद, मैश्ड आलू या अन्य स्टार्च मिलाए गए हैं, तो इसका रंग नीला हो जाएगा.