नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय के अधीन आने वाला भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) ने अपने प्रमुख पाठ्यक्रम अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एमबीए के 2019-21 बैच के छात्रों के नियोजन को पूरा कर लिया है। कार्यक्रम से जुड़े छात्रों को औसतन 21.08 लाख सीटीसी (कॉस्ट टू कंपनी) की पेशकश की गयी है।

आईआईएफटी ने मंगलवार को कहा कि बिक्री और विपणन क्षेत्र की मांग अधिक रही और उन्हें अधिक सीटीसी की पेशकश की गयी। नियोजन में एयरटेल, एमवे, बजाज ऑटो, सिप्ला, डाबर, एली लिली, जीएसके, एचयूएल, आई्रटीसी, लोरियल, पेटीएम और टाटा स्टील जैसी कंपनियां शामिल हुईं।

संस्थान ने एक बयान में कहा, ‘‘आईआईएफटी ने हाल में अपने प्रमुख एमबीए कार्यक्रम (आईबी) के लिये नियोजन प्रक्रिया को पूरा किया। नियोजन के तहत औसतन 21.08 लाख सालाना सीटीसी की पेशकश की गयी। सर्वाधिक 46.5 लाख सालाना सीटीसी की पेशकश की गयी।’’

आईआईएफटी के निदेशक प्रोफेसर मनोज पंत ने कहा कि संस्थान घरेलू और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को देश में उपलब्ध बेहतरीन प्रतिभा उपलब्ध कराता है। दूसरी तरफ ये कंपनियां उम्मीदवारों में लगातार विश्वास और भरोसा दिखा रही हैं।

बयान में कहा गया है कि सबसे ज्यादा नियुक्ति वित्तीय क्षेत्र ने की। इस क्षेत्र ने कॉरपोरेट ट्रेजरी, निवेश बैंकिंग, जोखिम प्रबंधन, इक्विटी रिसर्च और वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भूमिका के लिये नियुक्तियां की।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर