प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से त्योहारों के मौसम में बाजार से खरीदारी करते समय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए आग्रह किया कि वे कोरोना वायरस के इस संकट काल में संयम से काम लें और मर्यादा में रहें.

मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘‘मन की बात’’ की 70वीं कड़ी में देशवासियों से कई अनुरोध किए, 10 पॉइंट्स में जानें-
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त्योहारों के इस मौसम में वे जब भी अपने घरों में दीया जलाएं तो एक दीया देश के उन वीर जवानों के नाम जलाएं जो सरहदों पर देश की सुरक्षा में लगे हैं.
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त्योहारों की ये उमंग और बाजार की चमक, एक-दूसरे से जुड़ी हुई है. लेकिन इस बार जब आप खरीदारी करने जायें तो ‘वोकल फॉर लोकल’ का अपना संकल्प अवश्य याद रखें. बाजार से सामान खरीदते समय, हमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है.
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जब त्योहार की बात करते हैं, तैयारी करते हैं, तो सबसे पहले मन में यही आता है, कि बाजार कब जाना है? क्या-क्या खरीदारी करनी है? कोरोना के इस संकट काल में, हमें संयम से ही काम लेना है, मर्यादा में ही रहना है.
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देश के कई स्थानीय उत्पादों में वैश्विक होने की बहुत बड़ी शक्ति है और उनमें एक है खादी. कोरोना के समय में खादी के मास्क भी बहुत प्रचलित हो रहे हैं और देशभर में कई जगह स्व सहायता समूह और दूसरी संस्थाएं खादी के मास्क बना रहे हैं.
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पीएम ने बताया- राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित खादी स्टोर में इस बार गांधी जयंती पर एक ही दिन में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी हुई.
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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी की महिला सुमन देवी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने स्व सहायता समूह की अपनी साथी महिलाओं के साथ मिलकर खादी मास्क बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे उनके साथ अन्य महिलाएं भी जुड़ती चली गईं. अब वे सभी मिलकर हजारों खादी मास्क बना रही हैं. 
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प्रधानमंत्री ने कहा कि त्योहारों के मौसम में सरहदों की रक्षा कर रहे सैनिकों को भी याद रखना है. वे भारत-माता की सेवा और सुरक्षा कर रहें हैं. हमें उनको याद करके ही अपने त्योहार मनाने हैं.
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घर में एक दीया भारत माता के वीर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी जलाना है. मैं अपने वीर जवानों से भी कहना चाहता हूं कि आप भले ही सीमा पर हैं, लेकिन पूरा देश आपके साथ है. आपके लिए कामना कर रहा है.
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पीएम ने कहा- लॉकडाउन में हमने, समाज के उन साथियों को और करीब से जाना है, जिनके बिना, हमारा जीवन बहुत ही मुश्किल हो जाता - सफाई कर्मचारी, घर में काम करने वाले भाई-बहन, स्थानीय सब्जी वाले, दूध वाले, सिक्योरिटी गार्ड.
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पीएम ने कहा- हमें अपने "Daily Life Heroes" को भूलना नहीं है. अब, अपने पर्वों में, अपनी खुशियों में भी, हमें इनको साथ रखना है. मेरा आग्रह है कि, जैसे भी संभव हो, इन्हें अपनी खुशियों में जरुर शामिल करिये.