किसान सम्मान निधि योजना की नई किस्त जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर किसानों को कृषि कानूनों के फायदों के बारे में बताए. पीएम मोदी ने 9 करोड़ किसानों के खाते में सीधे 18 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए और कृषि कानूनों को लेकर जारी आंदोलन के मुद्दे पर विपक्ष के ऊपर भी चर्चा की. वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुए इस संबोधन में पीएम मोदी ने ये 9 मुख्य बातें कहीं.

पीएम मोदी ने कहीं ये 9 बड़ी बातें
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किसानों के जीवन में खुशी, हम सभी की खुशी बढ़ा देती है. सभी देशवासियों को क्रिसमस की शुभकामनाएं. मेरी कामना है कि क्रिसमस का ये त्योहार विश्व में प्रेम, शांति और सद्भाव का प्रसार करे.
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मुझे आज इस बात का अफसोस है कि मेरे पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसान भाई-बहनों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. बंगाल की सरकार के राजनीतिक कारणों से उनके राज्यों के किसानों को पैसे नहीं मिल रहे हैं:
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जो लोग 30 साल तक बंगाल में राज करते थे उन्होंने बंगाल की क्या हालत करके रख दी है सारा देश जानता है.
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जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते, वो यहां किसान के नाम पर देश की अर्थनीति को बर्बाद करने में लगे हुए हैं. ये दल मंडियों की बात कर रहे हैं और बड़ी-बड़ी हेडलाइन लेने के लिए भाषण दे रहे हैं.
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वही दल जिन्होंने बंगाल को बर्बाद किया, केरल के अंदर उनकी सरकार है. इससे पहले जो 50-60 साल राज करते थे उनकी सरकार थी केरल में APMC मंडियां नहीं हैं. केरल में आंदोलन करके वहां APMC शुरू कराओ.
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किसानों के नाम पर अपने झंडे लेकर जो खेल खेल रहे हैं, अब उनको सच सुनना पड़ेगा। ये लोग अखबार और मीडिया में जगह बनाकर, राजनीतिक मैदान में खुद के जिंदा रहने की जड़ी-बूटी खोज रहे हैं, लेकिन देश का किसान उनको पहचान गया है.
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ये वही लोग हैं जो वर्षों तक सत्ता में रहे। इनकी नीतियों की वजह से देश की कृषि और किसान का उतना विकास नहीं हो पाया जितना उसमें सामर्थ्य था. पहले की सरकारों की नीतियों की वजह से सबसे ज्यादा बर्बाद छोटा किसान हुआ.
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आज जो किसानों के लिए इतने आंसू बहा रहे हैं, इतने बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं. जब ये लोग सरकार में थे तब इन्होंने किसानों का दुख दूर करने के लिए क्या किया ये देश का किसान अच्छी तरह जानता है.
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जो किसानों के नाम पर आज आंदोलन कर रहे हैं, जब उनका समय था तब वे चुप थे. जो लोग आंदोलन चला रहे हैं तब वे उस सरकार को समर्थन करते थे. यही लोग स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के ऊपर सालों तक बैठे थे. हमने आकर निकाला क्योंकि हमारे जीवन का मंत्र किसान की ज़िंदगी का भला करना है. (इनपुट्स- ANI)