गणतंत्र दिवस पर लाल किले में हुई हिंसा को लेकर गिरफ्तार किये गये अभिनेता-कार्यकर्ता दीप सिद्धू ने पुलिस को बताया है कि उसका कोई ‘‘बुरा इरादा’’ नहीं था और जैसे सभी वहां जा रहे थे तो वह भी चला गया था. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बुधवार को सिद्धू से उसके ठिकानों और 26 जनवरी को लालकिले में कृत्य के बारे में पूछताछ की.

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दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को सिद्धू को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था. उससे एक दिन पहले उसे लालकिला हिंसा के सिलसिले में करनाल बाइपास से गिरफ्तार किया गया था.

गिरफ्तारी के बाद उसे अपराध शाखा के हवाले कर दिया गया था जो ऐतिहासिक लालकिले में हुई हिंसा और अराजकता से जुड़े मामले की जांच कर रही है.

एक अधिकारी के अनुसार पुलिस हिरासत के पहले दिन पूछताछ इस पर केंद्रित रही कि वह कैसे लालकिला पहुंचा और वहां उस दिन उसने क्या किया.

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सिद्धू ने शुरू में 25 जनवरी को सिंघू बॉर्डर पर अपनी मौजदूगी से इनकार किया लेकिन जब उसे पुलिस ने सबूत दिखाया तो उसने माना कि वह किसान प्रदर्शन स्थल पर था लेकिन वह वहां से थोड़ी दूरी पर सोया था.

अभिनेता-कार्यकर्ता ने दावा किया कि जब वह 26 जनवरी को जगा तो उसके मोबाइल फोन पर लोगों के लालकिले की ओर बढ़ने के बारे में तीन मिस्ड कॉल और संदेश थे ,तो वह भी अपने तीन दोस्तों के साथ वहां पहुंच गया. उसने कहा कि वह पूर्वान्ह्र 11 बजे अपने दोस्तों के साथ गाड़ी से सिंघू बार्डर से चला और एक बजे लाल किला पहुंचा. उसने कहा कि हिंसा फैलने के बाद वह उसी गाड़ी से लौट आया.

अधिकारी के अनुसार जब उससे लालकिले पर झंडा फहराने के बारे में पूछा गया तो उसने अपनी संलिप्तता से इनकार किया और दावा किया कि उसने भीड़ को नहीं उकसाया.

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