नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) केंद्र सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अपने कर्मियों के लिए सरकारी कार्यालयों में अलग-अलग पालियां निर्धारित करने, अवर सचिव और उनके नीचे के स्तर के कर्मियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत तक सीमित करने समेत सोमवार को कई दिशा-निर्देशों की घोषणा की ।

कार्मिक मंत्रालय के एक बयान के अनुसार उपसचिव स्तर, उनके समकक्ष तथा ऊपर के सभी अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यालय आना होगा।

बयान के अनुसार उपसचिव एवं उनके समकक्ष तथा उनसे नीचे स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति 50 फीसद तक सीमित कर दी गयी है।

बयान में कहा गया, ‘‘सचिव/विभागाध्यक्ष अधिकारियों की उपस्थिति विनियमित कर सकते हैं या प्रशासनिक आधार पर अधिक अधिकारियों को कार्यालय आने को कह सकते हैं।’’

मंत्रालय ने कहा कि दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं को कार्यालय आने से छूट प्राप्त होगी लेकिन उन्हें अगले आदेश तक घर से काम करना होगा।

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड-19 के मामले अप्रत्याशित रूप से बढ़ने के मद्देजनर जारी किये गये ‘‘ये दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव में आ जायेंगे और 30 अप्रैल, 2021 तक या अगले आदेश तक प्रभाव में बने रहेंगे।’’

उन्होंने उम्मीद जतायी कि इन सभी निर्देशों का सभी नागरिकों, सरकारी कर्मियों एवं उनके परिवारों के हित में अक्षरश: पालन किया जाएगा।

बयान के अनुसार सिंह ने आशा प्रकट की कि राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश सरकार भी इन दिशा-निर्देशों पर विचार करेंगी।

कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि कार्यालयों में भीड़ कम करने के लिए सुबह नौ से अपराह्न पांच बजे, सुबह साढे नौ बजे से शाम छह बजे और पूर्वाह्न दस बजे से शाम साढे़ छह बजे की पालियों का अधिकारी एवं कर्मी पालन करेंगे।

इसने कहा, ‘‘ जो अधिकारी किसी खास दिन कार्यालय नहीं आते हैं, उन्हें अपने घर पर पूरे वक्त टेलीफोन या अन्य संचार माध्यमों से अपने आप को उपस्थित रखना होगा और घर से काम करना होगा। ’’

सरकार ने कहा कि जो अधिकारी निषिद्ध क्षेत्र में रहते हैं, उन्हें तब तक कार्यालय आने से छूट प्राप्त होगी जब तक कि उनके क्षेत्र से निषिद्ध क्षेत्र की अधिसूचना हटा नहीं ली जाती है।

मंत्रालय ने कहा कि कार्यालय आने वाले सभी अधिकारियों/कर्मियों को मास्क लगाना, आपस में दूरी रखना, सैनिटाइजर का उपयोग करना, बार-बार हाथ धोने समेत कोविड-19 उपयुक्त आचरण का कड़ाई से करना होगा। साथ ही, सीढ़ियों, गलियारे, साझा क्षेत्रों आदि स्थानों पर भीड़ नहीं लगानी होगी।

सरकार ने कहा कि बैठकें यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होंगी एवं बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह बंद होगा।

मंत्रालय ने कहा कि बायोमीट्रिक उपस्थिति निलंबित रहेगी और उपस्थिति पंजिका अगले आदेश तक उपयोग में लायी जाएगी।