अजिंक्य रहाणे ने बतौर कप्तान ऑस्ट्रेलिया में भारत की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभायी थी लेकिन वह इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली चुनौतीपूर्ण टेस्ट सीरीज में पीछे से विराट कोहली की मदद करना चाहेंगे.

रहाणे ने ये भी कहा कि शुक्रवार से चेन्नई में शुरू हो रही सीरीज में इंग्लैंड जैसी बेहतरीन टीम के खिलाफ आत्ममुग्धता की कोई जगह नहीं है. इस सीरीज से ही जून में लार्ड्स में होने वाले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में न्यूजीलैंड की प्रतिद्वंद्वी टीम का फैसला होगा.

रहाणे ने बुधवार को वर्चुअल मीडिया कांफ्रेंस के दौरान कहा, ‘‘मेरा काम पीछे से विराट की मदद करना है. मेरा काम अब सचमुच आसान है. जब विराट मुझसे कुछ भी पूछेगा तो मैं उसे बताऊंगा. विराट कप्तान था और वह पारिवारिक कारणों से स्वदेश लौटा था. इसलिये मैं ऑस्ट्रेलिया में कप्तान बना.’’

इस सीनियर बल्लेबाज ने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया सीरीज में जीत अब उनके लिए बीती बात हो गयी है. उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया में जीत अब बीती बात है. हम वर्तमान में हैं. हम इंग्लैंड की टीम का सम्मान करते हैं जिसने श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीती. हम अच्छी क्रिकेट खेलना चाहते हैं और हम कुछ भी हलके में नहीं ले रहे. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में अभी तीन-चार (पांच) महीने का समय है. ध्यान मौजूदा श्रृंखला पर होना चाहिए. न्यूजीलैंड काफी अच्छी खेली और वह फाइनल में पहुंचने की हकदार है. हम एक बार में एक ही मैच पर ध्यान लगायेंगे. ’’

उप कप्तान ने टीम के संयोजन के बारे में कुछ नहीं कहा लेकिन संकेत दिया कि चेपॉक स्पिनरों के लिये मददगार पिच होगी. जब उनसे पूछा गया कि स्पिनर अक्षर पटेल को टेस्ट पर्दापण दिया जाएगा तो उन्होंने कहा, ‘‘हम कल की ट्रेनिंग के बाद संयोजन पर फैसला करेंगे. भारतीय विकेट में हमेशा स्पिनरों के लिये कुछ न कुछ रहा है. हम खुद को मजबूत करेंगे. इंतजार करते हैं और देखते हैं. ’’