कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की पाकिस्तान की कोशिश के तहत चीन द्वारा इस मामले पर चर्चा के लिए बुलाई गई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के बेनतीजा रहने के बाद एक बार फिर ‘‘नाकाम’’ रही. यह जानकारी भारत के शीर्ष राजनयिक ने दी.

भारत के विदेशमंत्रालय ने किया दृढ़ता से खारिज

इसे लेकर भारत के विदेशमंत्रालय ने भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि हमारे आंतरिक मामलों में चीन के हस्तक्षेप को हम दृढ़ता से खारिज करते हैं.पहले की तरह इस बार भी इस कोशिश को खास समर्थन नहीं मिला.

पाकिस्तान-चीन का प्रयास रहा असफल

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएएस तिरुमूर्ति ने बताया कि सुरक्षा परिषद के कई सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर के भारत और पाकिस्तान का एक द्विपक्षीय मामला होने की बात रेखांकित की और शिमला समझौते के महत्व पर जोर दिया. तिरुमूर्ति ने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र के जरिए इस मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण करने का पाकिस्तान का प्रयास एक बार फिर नाकाम रहा’’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘पाकिस्तान का एक और प्रयास विफल रहा. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएसी) की बंद कमरे में की गई, अनौपचारिक बैठक बेनतीजा रही. लगभग सभी देशों ने जम्मू-कश्मीर के एक द्विपक्षीय मामला होने और इसके परिषद का समय एवं ध्यान देने लायक ना होने की बात को रेखांकित किया.’’