(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 25 मई (भाषा) भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों की सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी के महत्व को रेखांकित करते हुए विश्व निकाय को बताया कि वह इस साल अगस्त में एक ‘मोबाइल टेक’ मंच की शुरुआत करने जा रहा है, जो ड्यूटी के दौरान शांतिरक्षकों को इलाके से संबंधित जानकारी देगा।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत के नागराज नायडू ने सोमवार को कहा, ‘‘ शांतिरक्षकों की सुरक्षा और सुरक्षा में सुधार के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी का उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शांति स्थापना कार्यों में क्षेत्र-केन्द्रित, विश्वसनीय और लागत प्रभावी नई तकनीकों का उपयोग.... समय की आवश्यकता है।’’

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ‘संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान: शांतिरक्षकों की सुरक्षा और सुरक्षा में सुधार’ पर चर्चा के दौरान नायडू ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियान संचालन विभाग और परिचालन सहायता विभाग के साथ मिलकर एक मोबाइल प्रौद्योगिकी मंच ‘यूनाईट अवेयर’ विकसित कर रहा है, जो शांतिरक्षकों में स्थितिजन्य जागरुकता बढ़ाने और उन्हें इलाके से संबंधित जानकारी प्रदान करने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम इस योजना के लिए 16.4 लाख डॉलर का योगदान दे चुके हैं और इसे अगस्त में शुरू किया जा सकता है।’’

भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में योगदान देने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है और इसने पिछले कुछ वर्षों में 49 मिशनों में अपने 250,000 से अधिक सैनिकों को भेजा है।