(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 26 मई (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि भारत-अमेरिका संबंध दुनिया के प्रमुख संबंधों में से एक हैं और नयी दिल्ली तथा वाशिंगटन के सामने चुनौती यह है कि अपनी मौलिक, सामाजिक और भू-राजनीतिक स्थिति को कार्रवाई योग्य नीतियों में कैसे बदला जाए।

इस बात पर जोर देते हुए कि अमेरिका-भारत संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उनके पास 'बड़ा एजेंडा' है, जयशंकर ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमारे रिश्ते एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। यह आज दुनिया के प्रमुख संबंधों में से एक है और मेरी अपनी समझ है कि आज वाशिंगटन में, इस संबंध की क्षमता का वास्तविक मूल्यांकन हुआ है, यह क्या कर सकता है। और यही सच्चाई नयी दिल्ली के साथ भी है।'

हूवर इंस्टीट्यूशन द्वारा प्रस्तुत 'भारत: एक रणनीतिक साझेदारी के लिए अवसर और चुनौतियां' नामक विषय पर आयोजित 'बैटलग्राउंड' सत्र में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल एचआर मैकमास्टर के साथ डिजिटल बातचीत के दौरान, जयशंकर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के प्रभाव, विभिन्न शक्तियों के उदय जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए आज हम सभी मानते हैं कि यह एक या दो या तीन देशों का सवाल नहीं है जो यह तय करेंगे कि दुनिया किस स्थिति में है।'

अमेरिका-भारत संबंधों पर एक सवाल का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा, 'दुनिया वास्तव में बहुत अधिक बहुध्रुवीय है और अगर यह बहुध्रुवीय है, तो देशों के लिए यह सीखना और भी महत्वपूर्ण है कि एक-दूसरे के साथ अधिक प्रभावी ढंग से कैसे काम किया जाए। और मैं इस संबंध में अमेरिकी मानसिकता में एक बड़ा बदलाव देखता हूं।'

भाषा कृष्ण वैभव

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