मेलबर्न, 22 मई (भाषा) आस्ट्रेलिया की पूर्व महिला क्रिकेटर मेल जोन्स ने सुझाव दिया है कि भारत और आस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम के बीच होने वाली श्रृंखला को महिला क्रिकेट की दिग्गजों के नाम पर स्थाई ट्रॉफी मिलनी चाहिए जैसे पुरुष टीमों की श्रृंखला के लिए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की महिला समिति की भी सदस्य जोन्स का यह बयान भारतीय महिला टीम के सितंबर-अक्तूबर में होने वाले आस्ट्रेलिया के दौरे से पहले आया है। इस दौरे पर भारत को एक टेस्ट (दिन-रात्रि), तीन एकदिवसीय और इतने ही टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने हैं।

‘क्रिकेट.कॉम.एयू’ ने जोन्स के हवाले से कहा, ‘‘बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तरह कुछ होना शानदार होगा, लेकिन यह अतीत में जो हुआ उसका पुरुष नजरिया है। इसलिए हमें यह महिलाओं के खेल में अपने तरीके से करना चाहिए और शायद कुछ अलग चीज की जा सकती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पुरुष और महिला टीमों के बीच होने वाली एशेज ट्रॉफी से जुड़ी इतनी सारी शानदार कहानियां हैं और शायद हम कुछ और विशेष तैयार कर सकते हैं जिसके बारे में अगले 100 साल में उसकी तरह बात होगी जैसे एशेज के बारे में होती है।’’

आस्ट्रेलिया की ओर से पांच टेस्ट और 61 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाली 48 साल की जोन्स ने कहा कि इस तरह की ट्रॉफी के जरिए दोनों देशों के बीच महिला क्रिकेट का इतिहास और इससे जुड़े लोगों की कहानियां बयां करना शानदार होगा।

जोन्स ने कहा कि इस तरह की ट्रॉफी के लिए सोशल मीडिया के जरिए जनता का फैसला लेना शायद सर्वश्रेष्ठ रहेगा। उन्होंने इस ट्रॉफी के संदर्भ में शांता रंगास्वामी और मारग्रेट जेनिंग्स जैसी दिग्ग्जों के नाम लिए।

भारत और आस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच पहला टेस्ट जनवरी 1977 में वाका में खेला गया था जिसे मेजबान टीम ने 147 रन से जीता था। इस मैच में शांता ने भारत जबकि मारग्रेट ने आस्ट्रेलिया की कप्तानी की थी।

दोनों टीमों के बीच सीमित ओवरों का पहला मैच महिला विश्व कप के दौरान 1978 में पटना में खेला गया था और उसे भी आस्ट्रेलिया ने 71 रन से जीता। इस मैच में भी आस्ट्रेलिया की कप्तान मारग्रेट ही थी जबकि भारत की अगुआई डायना एडुल्जी कर रही थी।

भाषा सुधीर आनन्द

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