नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आईईएक्स) ने सोमवार को अपने मंच पर सीमा पार बिजली व्यापार (सीबीईटी) शुरू किये जाने की घोषणा की।

आईईएक्स ने एक बयान में कहा कि एकीकृत दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय बिजली बाजार की दिशा में भारत के बाहर दक्षिण एशिया क्षेत्र में कारोबार के विस्तार को लेकर अपनी तरह का यह पहला कदम है।

इससे पहले, केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) द्वारा 2019 में सीबीईटी नियमन को लेकर अधिसूचना तथा हाल में मार्च 2021 में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की तरफ से सीबीईटी नियम की अधिसूचना के बाद एनटीपीसी की ट्रेडिंग इकाई एनवीवीएन (एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लि.) ने एक्सचेंज में अगले दिन की बिजली जरूरत के लिये कारोबार (डे अहेड मार्केट) में नेपाल की भागीदारी की मंजूरी सीईए से हासिल की थी।

बयान के अनुसार, ‘‘इंडियन एनर्जी एक्सचेंज को इस बात की घोषणा करते हुए खुशी है कि उसने अपने मंच पर सीमा पार बिजली कारोबार शुरू किया है।’’

फिलहाल, भारत के लिये पड़ोसी देशों के साथ सीमा पार व्यापार करीब 18 अरब यूनिट का है। यह कारोबार मध्यम से दीर्घावधिक द्विपक्षीय अनुबंधों के जरिये हुआ है।

सीईए और सीइआरसी के अनुसार भारत ने आज की स्थिति के अनुसार भूटान से 8.7 अरब यूनिट बिजली का आयात किया है जबकि नेपाल और बांग्लादेश को क्रमश: 2.37 अरब यूनिट और 7 अरब यूनिट बिजली का निर्यात किया।

आईईएक्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एस एन गोयल ने कहा, ‘‘हम ‘डे अहेड मार्केट’ में सीमा पार बिजली व्यापार शुरू करने के लिये पहले देश के रूप में नेपाल का स्वागत कर खुश हैं।’’

उन्होंने कहा कि 3,82,000 मेगावाट उत्पादन क्षमता और 1,85,000 की अधिकतम मांग के साथ भारत अधिशेष बिजली वाला देश है।

गोयल ने कहा, ‘‘हमारे पास क्षेत्रीय बिजली बाजार के विकास और क्षेत्र के पड़ोसी देशों के बीच ऊर्जा पहुंच तथा सुरक्षा बढ़ाने को लेकर एक अच्छा अवसर है।’’

एनवीवीएन के सीईओ/ ईडी (नवीकरणीय ऊर्जा)-एनटीपीसी मोहित भार्गव ने कहा कि नेपाल पहला देश है जो बिजली बाजार से एनवीवीएन के जरिये अगले दिन की आपूर्ति के लिये बिजली खरीद का लाभ उठाएगा। यह दक्षिण एशिया में एक नई शुरूआत है।

पीटीसी, एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लि. और अन्य मनोनीत नोडल एजेंसियों के साथ मिलकर आईईएक्स एक्सचेंज के जरिये सीमा पार बिजली कारोबार के लिये काम कर रहा है।

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर