रेल यात्रा के दौरान कई हादसे होते देखे गए हैं. लेकिन अब इस पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रेलवे सख्त कदम उठाना शुरू कर दी है. कई बार यात्रियों की लापरवाही की वजह से भी बड़े घटना का शिकार होना पड़ता है. ऐसे में उन यात्रियों पर भारतीय रेलवे ने सख्त कार्रवाई करने का नया नियम बनाया है. यात्रा के दौरान यात्री अगर नियमों का पालन नहीं करेंगे तो उन्हें सजा और जुर्माना का सामना करना पड़ेगा.

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रेलवे ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी है.रेलवे ने एक ट्वीट में कहा है कि रेल यात्रा के दौरान ज्वलनशील सामग्री ले जाना दंडनीय अपराध है. ऐसा किए जाने पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जेल भी हो सकती है. पश्चिम मध्य रेलवे के अनुसार, ट्रेन में आग फैलाने या ज्वलनशील वस्तुएं ले जाना रेल अधिनियम, 1989 की धारा 164 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, जिसके लिए पकड़े गए व्यक्ति को 3 वर्ष तक की कैद या हजार रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों सजाएं हो सकती है.

इसमें आगे कहा गया है कि रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 164 के तहत, केरोसिन, पेट्रोल, पटाखे और गैस सिलेंडर आदि जैसे ज्वलनशील सामान ले जाने पर आपको तीन साल के लिए सलाखों के पीछे भेजा जा सकता है या 1,000 रुपये का जुर्माना या दोनों लग सकते हैं.

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रेलवे परिसर में धूम्रपान करना अपराध

इसके अलावा रेलवे की ओर से आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए बनाई गई योजना के तहत अगर कोई ट्रेन में धूम्रपान करते पकड़ा जाता है तो उसे 3 साल की जेल के साथ जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.

इससे पहले रेलवे ने कथित तौर पर यात्रियों को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच ट्रेनों में मोबाइल चार्जिंग स्टेशनों का उपयोग करने से रोकने का भी फैसला किया है.

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