नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) कृषि मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत का खाद्यान्न उत्पादन चालू फसल वर्ष 2020-21 में 2.66 प्रतिशत बढ़ कर 30 करोड़ 54.3 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। इसका कारण पिछले साल अच्छी मॉनसून की बारिश के बीच चावल, गेहूं और दालों के बेहतर उत्पादन का होना है।

फसल वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) में, देश का खाद्यान्न उत्पादन (गेहूं, चावल, दाल और मोटे अनाज सहित) रिकॉर्ड 29.75 करोड़ टन रहा था।

फसल वर्ष 2020-21 के लिए तीसरा अग्रिम अनुमान जारी करते हुए कृषि मंत्रालय ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 30 करोड़ 54.3 लाख टन होने का अनुमान है।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उत्पादन में वृद्धि के लिए किसानों और वैज्ञानिकों के प्रयासों के साथ-साथ केंद्र सरकार की नीतियों को श्रेय दिया।

आंकड़ों के अनुसार, फसल वर्ष 2020-21 में चावल का उत्पादन रिकॉर्ड 12 करोड़ 14.6 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह उत्पादन 11 करोड़ 88.7 लाख टन था।

गेहूं का उत्पादन वर्ष 2020-21 में, पिछले वर्ष के 10 करोड़ 78.6 लाख टन से बढ़कर रिकॉर्ड 10 करोड़ 87.5 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि मोटे अनाज का उत्पादन एक साल पहले के चार करोड़ 77.5 लाख टन से बढ़कर चार करोड़ 96.6 लाख टन होने की संभावना है।

दलहन उत्पादन दो करोड़ 55.6 लाख टन होने का अनुमान है, जो फसल वर्ष 2019-20 में दो करोड़ 30.3 लाख टन के उत्पादन की तुलना में अधिक है।

गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहन का उत्पादन वर्ष 2020-21 में तीन करोड़ 65.6 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष तीन करोड़ 32.1 लाख टन था।

गन्ने का उत्पादन पिछले वर्ष के 37 करोड़ पांच लाख टन से बढ़कर 39 करोड़ 27.9 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि कपास का उत्पादन पिछले वर्ष के तीन करोड़ 60.7 लाख गांठों से बढ़कर तीन करोड़ 64.9 लाख गांठ (170 किलोग्राम प्रत्येक) होने की उम्मीद है।

फसल वर्ष 2020-21 में जूट/मेस्टा का उत्पादन थोड़ा घटकर 96.2 लाख गांठ (180 किलोग्राम प्रत्येक) रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 98.7 लाख गांठ का हुआ था।

मंत्रालय ने कहा कि राज्यों से मिली जानकारिययों के आधार पर खाद्यान्न का अनुमान लगाया गया है।

भाषा राजेश राजेश मनोहर

मनोहर