मध्य प्रदेश के इंदौर ने एक बार फिर देश में नंबर- 1 स्वच्छ शहर रहकर कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. इंदौर लगातार चौथी बार से स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर 1 पर रहा है. दूसरे नंबर पर गुजरात का सूरत शहर है और तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र का नवी मुंबई रहा.

केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री हरदीप एस पुरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में इंदौर को नंबर 1 का स्थान दिया है. इतना ही नहीं आज सर्वेक्षण-2020 के कार्यक्रम में मध्य प्रदेश को 10 पुरस्कार दिए गए हैं.

भारत सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में ये पुरस्कार नगरपालिका निगम इंदौर, जबलपुर, बुरहानपुर, रतलाम, उज्जैन, नगरपालिका परिषद सिहोरा जिला जबलपुर, नगरपालिक निगम भोपाल, नगर परिषद शाहगंज जिला सीहोर, नगर परिषद कांटाफोड़ जिला देवास और छावनी परिषद महू कैंट को दिए.

आपको बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण में नगरपालिका निगम इंदौर को लगातार चार वर्षों से देश के 'स्वच्छतम शहर'' का स्थान प्राप्त हो रहा है. इस बार भी स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में इंदौर का प्रदर्शन देश के 4242 शहरों के बीच उत्कृष्ट है. आपको बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के अंतर्गत देश के 4242 शहरों ने भागीदारी की थी, जिसमें शहरों को साफ-सफाई से आगे स्वच्छता को संस्थागत स्वरूप देना और नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता को प्रमुखता से शामिल किया गया था.

स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में मध्यप्रदेश के 378 शहरों ने अपना बेहतर प्रदर्शन किय. इसमें शहरों में स्वच्छता, साफ-सफाई, आधारभूत संरचनाओं का निर्माण तथा उनका प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन और शहरों की स्वच्छता बनाए रखने में नागरिकों का सहयोग प्राप्त करने के प्रयास प्रमुखता से किए गए. इन्हीं प्रयासों के परिणाम स्वरूप खुले में शौच से मुक्त राज्य का गौरव प्राप्त किया और 234 शहर ODF+ और 107 शहर ओडीएफ++ के परीक्षण में सफल हुए हैं. इसी क्रम में कचरा मुक्त शहर के मूल्यांकन में राज्य के 18 निकाय स्टार रेटिंग प्राप्त करने में सफल रहे हैं, जो देश में सर्वाधिक शहरों के मामलों में द्वितीय स्थान है. साथ ही उल्लेखनीय है कि विगत तीन सर्वेक्षणों में भी मध्य प्रदेश के 20 शहर देश के सर्वश्रेष्ठ 100 शहरों में रहे हैं.