नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) दिल्ली में 26 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा का उद्योग मंडलों और स्थानीय व्यापारियों ने स्वागत किया है। उद्योग के लोगों का कहना है कि महामारी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लॉकडाउन अत्यंत जरूरी था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार रात 10 बजे से 26 अप्रैल सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बढ़ते मामलों पर अंकुश के लिए यह कदम जरूरी है, क्योंकि दिल्ली की स्वास्थ्य प्रणाली पर काफी बोझ पड़ चुका है।

उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा कि निजी उद्योग टीकाकरण अभियान और महामारी पर अंकुश के लिए मदद को आगे आ रहा है। साथ ही उद्योग अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार में भी मदद कर रहा है।

चैंबर ने कहा कि दिल्ली सरकार के छह दिन के लॉकडाउन से राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।

पीएचडीसीसीआई ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस बयान की सराहना की है कि राष्ट्रीय स्तर पर कोई लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा।

व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दिल्ली सरकार के लॉकडाउन लगाने के फैसले का स्वागत किया है। कैट ने कहा है कि व्यापारी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में सरकार को पूरा सहयोग करेंगे।

कैट ने कहा कि कर्फ्यू से दिल्ली में प्रतिदिन 600 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान होगा। कैट ने कहा कि राजधानी के 100 प्रमुख बाजारों मसलन चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग, साइकिल मार्केट और मोरी गेट आदि ने सोमवार से स्वत: लॉकडाउन लगाना शुरू कर दिया है।

इंडिया एसएमई फोरम के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार को कम से कम ई-कॉमर्स कंपनियों को लोगों की सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की ही नहीं, बल्कि सभी सामान की जरूरतों को पूरा करने की अनुमति देनी चाहिए।

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अजय महाबीर

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