बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस एक बार फिर महागठबंधन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है. महागठबंधन को बिहार में हर तबके से मजबूती मिले इसके लिए कांग्रेस ने एलजेपी को आमंत्रित किया है. कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा है कि, महागठबंधन की तरफ से सीएम पद के चेहरे के बारे में राजनीतिक फायदे को ध्यान में रखकर फैसला किया जाएगा और अगर एलजेपी महागठबंधन में शामिल होना चाहेगी तो कांग्रेस सहयोगी दलों के साथ विचार करने को तैयार है.

इसके साथ ही गोहिल ने ने दावा किया है कि, अगर रामविलास पासवान आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ रहेंगे तो उन्हें बड़ा नुकसान होने वाला है. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण को मौलिक अधिकार नहीं बताने पर केंद्र सरकार खामोश रही.

एनडीए में दरार की खबरों के बीच गोहिल का बयान

गोहिल का ये बयान इस बात को लेकर अहमियत रखता है कि हाल ही में एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान के बयानों के चलते इन दिनों एनडीए में कथित दरार की खबरें सामने आई हैं. पिछले कुछ दिनों से चिराग पासवान ने कई मौकों पर नीतीश कुमार की परोक्ष रूप से आलोचना की है. इसके साथ ही एनडीए को अखंड बताने वाले एलजेपी के मुंगेर जिलाध्यक्ष राघवेंद्र भारती को उनके पद से हटा दिया है.

'बीजेपी सहयोगी दलों का इस्तेमाल करती है'

चिराग पासवान के हालिया बयानों को लेकर शक्ति सिंह गोहिल ने दावा किया कि, 'एनडीए में बिखराव होने वाला है क्योंकि बीजेपी जरूरत के हिसाब से सहयोगी दलों का इस्तेमाल करती है और फिर धोखा देती है. बीजेपी शिवसेना के साथ भी ऐसा ही किया. बीजेपी ने पहले उसका इस्तेमाल किया और फिर उसके साथ किये गए वादे तोड़ दिए. नीतीश और रामविलास के साथ भी बीजेपी यही करेगी.

उन्होंने ये भी कहा कि, 'अगर पासवान बीजेपी के साथ रहे तो उनका वोट बैंक खिसक जाएगा. क्योंकि जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है तो केंद्र की एनडीए सरकार चुप रही. ऐसे में अगर बीजेपी के साथ रहेंगे तो पासवान जी को बहुत बड़ा नुकसान होगा.

गोहिल ने पासवान के महागठबंधन में शामिल होने को लेकर कहा कि अगर वह दरवाजा खटखटाएंगे तो हम अपने सहयोगी दलों के साथ विचार करेंगे और फिर कोई फैसाल करेंगे.

महागठबंधन में जल्द हो सीटों का बटवांरा

गोहिल ने बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर कहा कि इस पर जल्द फैसाल लेना चाहिए. आखिरी समय में सीटों का बंटवारा होने पर ऊपरी स्तर पर तालमेल हो जाता है, लेकिन कार्यकर्ता के स्तर पर ठीक से समन्वय नहीं हो पाता. इसलिए हम चाहते हैं कि हमारे बीच जल्द से जल्द सीटों का बंटवारा हो जाए.

वहीं, महागठबंधन के सीएम पद के चेहरे को लेकर गोहिल ने कहा,‘‘अभी तो हमारी प्राथमिकता है कि सभी सहयोगी दल वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ मिलकर चलें. जहां विचारधारा की बात होती है, वहां व्यक्ति का ज्यादा महत्व नहीं रहता है. जो भी फायदेमंद होगा, उस हिसाब से हम सीएम चेहरे को लेकर उचित समय पर फैसला कर लेंगे.’’

बता दें, बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए अक्टूबर-नवंबर में चुनाव प्रस्तावित है. राज्य में 2005 से बीजेपी जेडीयू गठबंधन की सरकार है. हालांकि, बीच में चार साल जेडीयू बीजेपी का साथ छोड़कर महागठबंधन में शामिल हुो गई थी.