नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के बीच अस्पतालों में आक्सजीजन की कमी की रिपोर्टों के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) तथा भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित राज्यों को अपनी रिफाइनरी में उत्पादित ऑक्सीजन को चिकित्सा ऑक्सीजन के रूप में उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है।

इससे पहले निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने भी महाराष्ट्र को आक्सीजन की आपूर्ति शुरू की है।

आईओसी ने सोमवार को बयान में कहा कि उसने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के विभिन्न अस्पतालों को मुफ्त में 150 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी है।

कंपनी ने कहा कि जीवन रक्षक चिकित्सा ग्रेड ऑक्सीजन की पहली खेप नयी दिल्ली के महा दुर्गा चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल को भेजी गई है।

आईओसी ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के बीच चिकित्सा ऑक्सीजन की मांग तेजी से बढ़़ी है। ऐसे में उसने अपनी मोनो एथेलीन ग्लाइकोल (एमईजी) इकाई में इस्तेमाल होने वाली उच्च शुद्धता की ऑक्सीजन को हरियाणा की पानीपत रिफाइनरी और पेट्रोरसायन परिसर में चिकित्सा ग्रेड की तरल ऑक्सीजन में बदला है।

भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन ने भी अलग से जारी बयान में कहा है कि उसने मुफ्त में 100 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू की है। कंपनी ने कहा कि वह हर महीने करीब 100 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करेगी।

पिछले सप्ताह रिलायंस इंडस्ट्रीज की गुजरात के जामनगर स्थित दो रिफाइनरियों ने औद्योगिक ऑक्सीजन को चिकित्सा इस्तेमाल की ऑक्सीजन में बदला था। जामनगर रिफाइनरी से कंपनी नि:शुल्क 100 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही है।

वहीं, बीपीसीएल केरल को अपनी कोच्चि रिफाइनरी से 1.5 टन प्रतिदिन आक्सीजन की आपूर्ति कर रही हे। बीपीसीएल ने पिछले साल भी अक्टूबर- नवंबर में जब मामले तेजी से बढ़ रहे थे 25 टन आक्सजीन की आपूर्ति की थी।

तेल रिफाइनरियां अपने संयंत्रों में औद्योगिक आक्सीजन का उत्पादन कर सकतीं हैं। वे इसे चिकित्सा कार्यों में इस्तेमाल होने वाली आक्सीजन बदल सकती हैं। इसकी 99.9 प्रतिशत शुद्धता होती है।

भाषा अजय

महाबीर

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