इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस के लिए खेलने वाले कृणाल पंड्या और किंग्स XI पंजाब के दीपक हुड्डा के बीच सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से पहले विवाद खड़ा हो गया. जिससे हुड्डा ने पंड्या पर खराब बर्ताव करने का अरोप लगाते हुए मुश्ताक अली ट्राफी के शुरु होने से एक दिन पहले टीम का शिविर छोड़ दिया. पांड्या इस टीम के कप्तान हैं. पूरे घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय टीम व बड़ौदा के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने बड़ौदा क्रिकेट संघ (बीसीए) से इस मामले की जांच करने की मांग की है. 

प्रथम श्रेणी के 46 मैचों का अनुभव रखने वाले हुड्डा ने पंड्या पर खराब बर्ताव करने का अरोप लागया था और सैयद मुश्ताक अली ट्राफी टी20 टूर्नामेंट के शुरु होने से एक दिन पहले टीम का शिविर छोड़ दिया था.

पठान ने ट्विटर पर जारी बयान में कहा, ‘‘ महामारी के इस कठिन समय के दौरान खिलाड़ी के मानसिक स्वास्थ्य का अत्यधिक महत्व होता है, क्योंकि उन्हें बायो-बबल (जैव-सुरक्षित) में रहते हुए खेल पर ध्यान देना होता है. ऐसी घटनाओं का खिलाड़ी पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है और इससे बचना चाहिए.’’

पठान ने टूर्नामेंट से पहले दो सीनियर खिलाड़ियों से जुड़े इस मामले पर दुख जताते हुए बीसीए से जांच की मांग की. उन्होंने कहा, ‘‘ बीसीए के सभी सदस्यों इसकी जांच करने और ऐसे कार्यों की निंदा करने का अनुरोध करता हूं क्योंकि ये क्रिकेट के खेल के लिए अच्छा नहीं हैं.’’

इस 36 साल के पूर्व खिलाड़ी ने कहा, ‘‘बड़ौदा के पूर्व कप्तान के तौर पर मैंने कई युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया है. मैं समझता हूं कि टीम में सामंजस्यपूर्ण माहौल होना कितना महत्वपूर्ण है जहां खिलाड़ी सुरक्षित महसूस कर सकें, खुलकर खेल सकें और टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने दीपक हुड्डा प्रकरण के बारे में जो सुना है अगर वह सच है तो यह वास्तव में चौंकाने वाला और निराशाजनक है. किसी भी खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए.’’

भारत के लिए 29 टेस्ट और 120 एकदिवसीय खेलने के साथ 2007 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य रहे पठान ने इस मौके पर बीसीए पर प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘‘ आदित्य वाघमोडे ने पिछले सत्र में सैयद मुश्ताक अली ट्राफी में बड़ौदा के लिए सबसे ज्यादा रन बनाये थे और स्वप्निल सिंह ने शानदार हरफनमौला प्रदर्शन (10 विकेट और 216 रन) किया था लेकिन चयन में उन्हें नजरअंदाज किया गया.’’