बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने मीडिया में आईं उन खबरों का सख्ती से संज्ञान लिया है, जिनमें राज्य में कोविड-19 जांच में अनियमितता का दावा किया गया है.

दो दिवसीय दौरे के बाद दिल्ली से लौटे कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अखबारों में आई रिपोर्ट को पढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को फोन किया.

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मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रधान सचिव ने मुझे बताया कि विभाग हरकत में आया है और 22 जिलों के रिकॉर्ड खंगाले गए हैं. एक जिले में कुछ विसंगतियां पाई गई हैं. मैंने तेजी से जांच कर जवाबदेही तय करने को कहा है. जो भी जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.’’

मीडिया में आईं खबरों में दावा किया गया है कि राज्य में डेटा में गड़बड़ी की जा रही है.

इससे पहले भी सरकार पर आरोप लगा था कि वह कोविड-19 जांच जानबूझकर कम रख रही है, ताकि संक्रमण के प्रसार के प्रकोप को छिपाया जा सका.

हालांकि, पिछले कुछ महीनों में बिहार में कोविड-19 जांच में तेजी देखी गई है.

कुमार ने कहा कि बिहार में नमूनों की जांच में वृद्धि हुई है और वह खुद रोजाना जांच के आंकड़ों पर करीबी नजर रखते हैं.

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