बेंगलुरु, 23 मई (भाषा) कर्नाटक के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार ने रविवार को कहा कि विद्यार्थियों के हित में द्वितीय वर्ष प्री-यूनिवर्सिटी (बारहवीं कक्षा) परीक्षा आयोजित करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न पहलुओं और केंद्र के सुझावों कों ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में उपयुक्त निर्णय लिया जाएगा।

केंद्र के शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित सभी राज्यों के शिक्षामंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के बाद मंत्री ने किसी न किसी रूप में परीक्षा आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया क्योंकि कक्षा बारहवीं के विद्यार्थी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की तैयारी करते हैं।

इसी माह के प्रारंभ में कर्नाटक सरकार ने कोविड-19 के मामलों में तीव्र वृद्धि का हवाला देते हुए बारहवीं कक्षा की परीक्षा स्थगित कर दी थी जो 24 मई को शुरू होने वाली थी।

मंत्री के कार्यालय से जारी बयान के अनुसार कुमार ने कहा कि कोविड के पूरी तरह नियंत्रण में आ जाने के बाद प्रक्रिया सरल बनाकर परीक्षाएं आयोजित करना पर्याप्त रहेगा।

उन्होंने सुझाव दिया , ‘‘ यदि परीक्षाएं जुलाई में आयोजित की जाती हैं तो अगस्त में परिणाम घोषित किया जाना संभव होगा ताकि नीट, जीट, सीईडी, आईसीएआर और अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं अगस्त में उपयुक्त तारीखों पर आयोजित की जा सकें।’’