(ललित के. झा)

वाशिंगटन, 25 मई (भाषा) भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की वाशिंगटन डीसी की यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों के सभी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है, जिसमें रणनीतिक एवं द्विपक्षीय संबंधों से लेकर क्वाड तथा जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ लोक स्वास्थ्य के मुद्दे शामिल हैं, जो अब दोनों देशों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बन गए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के देश की बागडोर संभालने के बाद पहली बार कोई शीर्ष भारतीय मंत्री अमेरिका की यात्रा पर आए हैं। जयशंकर इस सप्ताह वाशिंगटन डीसी आएंगे।

राष्ट्रपति बाइडन के प्रशासन के पहले 100 दिनों में उनके रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और जलवायु परिवर्तन मामले के विशेष दूत जॉन केरी भारत गए थे, जो संकेत था कि भारत के साथ संबंध नए प्रशासन के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बाइडन ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने के लिए भारत को जिस चीज की भी जरूरत हो वह अमेरिका से बेझिझक मांगे। अमेरिका कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अभी तक भारत को 50 करोड़ डॉलर की मदद कर चुका है।

अधिकारियों ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत-अमेरिका के संबंध जिस तरह गहरे हुए हैं, चाहे इस दौरान किसी की भी सरकार रही हो, उन्हें देखते हुए जयशंकर के अमेरिका दौरे पर संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

इस बाबत विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है।

विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मंत्री, जयशंकर के यहां आने पर उनसे मुलाकात करने और कोविड-19 राहत, क्वाड के जरिए हिंद-प्रशांत सहयोग को मजबूत करने और अन्य साझा क्षेत्रीय सुरक्षा एवं आर्थिक प्राथमिकताओं पर चर्चा करने को उत्साहित हैं।’’

जयशंकर यहां उद्योग जगत के लोगों से भी बातचीत करेंगे, जिसमें ‘यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल’ और ‘यूएस इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम’ द्वारा आयोजत सत्र भी शामिल है।