जन्माष्टमी अब ज्यादा दूर नहीं है. जन्माष्टमी के दिन हम भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं. जन्माष्टमी पर सभी लोगों का पूजा करने का तरीका शायद अलग-अलग हो सकता है, लेकिन ये तो सभी भक्तों ने सुना होगा कि जन्माष्टमी के दिन पूजा के समय कृष्ण भगवान को छप्पन भोग चढ़ाया जाता है. ये दिन कृष्ण भगवान को मानने वाले लोगों के लिए काफी अहम होता है. जन्माष्टमी के दिन कृष्ण भक्त व्रत रखते हैं और सुबह से ही पूजा की तमाम तैयारियों में जुट जाते हैं. इस दिन वृंदावन बिहारी लाल को छप्पन भोग लगाए जाते हैं. काफी लोगों के मन में ये सवाल आता है कि छप्पन भोग आखिर होता क्या है और यह क्यों लगाया जाता है, साथ ही छप्पन भोग में क्या-क्या शामिल होता है. आइए जानते हैं-

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छप्पन भोग लगाने के पीछे की कहानी

श्रीमद्भागवत महापुराण के अनुसार एक बार कृष्ण के प्रेम में पड़ी गोपिकाओं ने यमुना में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान किया. इस स्नान के पीछे का भी एक कारण था वह सभी गोपियां श्री कृष्ण भगवान से शादी करना चाहती थी, उनकी मनोकामना थी कि श्री कृष्ण ही उनके वर बनें. इस स्नान के बाद सभी गोपियों ने मां कात्यायनी से ये वरदान मांगा कि उन्हें श्री कृष्ण ही पति के रूप में मिलें. अपने इस वरदान के बदले में उन्होंने मां कात्यायनी के उद्यापन में छप्पन तरह के आहार चढ़ाने के बारे में कहा, बस इसी के बाद से छप्पन भोग की परंपरा चलन में आ गई जिसे अब सभी कृष्ण भक्त मानते हैं.

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ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण काफी नटखट हैं उन्हें खाना काफी पसंद होता है तो आइए जानते हैं कि क्या होता है छप्पन आहार-

1. भक्त (भात),

2. सूप (दाल),

3. प्रलेह (चटनी),

4. सदिका (कढ़ी),

5. दधिशाकजा (दही शाक की कढ़ी),

6. सिखरिणी (सिखरन),

7. अवलेह (शरबत),

8. बालका (बाटी),

9. इक्षु खेरिणी (मुरब्बा),

10. त्रिकोण (शर्करा युक्त),

11. बटक (बड़ा),

12. मधु शीर्षक (मठरी),

13. फेणिका (फेनी),

14. परिष्टश्च (पूरी),

15. शतपत्र (खजला),

16. सधिद्रक (घेवर),

17. चक्राम (मालपुआ),

18. चिल्डिका (चोला),

19. सुधाकुंडलिका (जलेबी),

20. धृतपूर (मेसू),

21. वायुपूर (रसगुल्ला),

22. चन्द्रकला (पगी हुई),

23. दधि (महारायता),

24. स्थूली (थूली),

25. कर्पूरनाड़ी (लौंगपूरी),

26. खंड मंडल (खुरमा),

27. गोधूम (दलिया),

28. परिखा,

29. सुफलाढय़ा (सौंफ युक्त),

30. दधिरूप (बिलसारू),

31. मोदक (लड्डू),

32. शाक (साग),

33. सौधान (अधानौ अचार),

34. मंडका (मोठ),

35. पायस (खीर),

36. दधि (दही),

37. गोघृत (गाय का घी),

38. हैयंगपीनम (मक्खन),

39. मंडूरी (मलाई),

40. कूपिका (रबड़ी),

41. पर्पट (पापड़),

42. शक्तिका (सीरा),

43. लसिका (लस्सी),

44. सुवत,

45. संघाय (मोहन),

46. सुफला (सुपारी),

47. सिता (इलायची),

48. फल,

49. तांबूल,

50. मोहन भोग,

51. लवण,

52. कषाय,

53. मधुर,

54. तिक्त,

55. कटु,

56. अम्ल.

भगवान कृष्ण को लगाए जाने वाले इस छप्पन भोग में से ज्यादातर वही चीजें है जो उन्हें काफी पसंद हैं. इन्ही भोजनों को छप्पन भोग कहा जाता है. अगर आप भी श्रीकृष्ण को ये छप्पन भोग चढ़ाना चाहते हैं तो इस लिस्ट को एक बार जरूर पढ़ लें.

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