भगवान कृष्ण के भक्त जन्माष्टमी (उनकी जयंती) पर एक दिन का उपवास रखते हैं. उपवास देश के कई हिस्सों में जन्माष्टमी समारोह का एक अभिन्न अंग है और इसलिए भक्त धार्मिक रूप से नियमों का पालन करते हैं. कई भक्त त्योहार के दिन से एक दिन पहले उपवास करना शुरू कर देते हैं, जबकि कुछ पूजा के दिन से पहले रात का खाना छोड़ देते हैं और जो लोग व्रत रखते हैं वे जन्माष्टमी के अगले दिन अपना उपवास तोड़ने तक ब्रह्मचर्य बनाए रखते हैं. आइए जानते है व्रत के दौरान क्या खाना चाहिए और किस चीज से परहेज करना चाहिए.

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शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए करें इन तीन चीजों का सेवन:

ड्राई फ्रूट्स- व्रत के दिन आप इम्युनिटी और एनर्जी को बेहतर बनाने के लिए ड्राई फ्रूट्स का सेवन कर सकते हैं. इसके लिए अगर आप अखरोट या बादाम खाकर व्रत की शुरुआत करते हैं तो आपको पूरे दिन ऊर्जा मिलती है.

फल- व्रत के दिन ऊर्जा बनाए रखने के लिए फल खाएं. आप ऐसे फलों का सेवन कर सकते हैं जिनमें जल स्तर अधिक हो. इससे आपका पेट भरा रहेगा.

साबूदाना या कुट्टू का आटा- व्रत के दिन आप एनर्जी और इम्यूनटी को बेहतर बनाने के लिए साबूदाना या कुट्टू के आटे का सेवन कर सकते हैं.

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क्या न खाएं

कोल्ड ड्रिंक

जन्माष्टमी के व्रत में ज्यादातर लोग गैस की समस्या से राहत पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक का सेवन करते हैं. लेकिन कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद ज्यादा शुगर सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. यह मधुमेह के रोगियों में अचानक चक्कर आने का कारण बन सकता है. वहीं कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन भी शरीर में डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है, हालांकि इसका असर अन्य कैफीनयुक्त पेय से कम होता है.

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तली हुई चीजें

व्रत के दौरान या पारण के बाद अक्सर लोग तली हुई चीजों का सेवन करते हैं. जो सही नहीं हैं. आपको इनका सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि ऐसे भोजन से आपको एसिडिटी और गैस की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.

चाय या कॉफी

जन्माष्टमी व्रत हो या कोई और फास्ट, भारत में लोग चाय या कॉफी का खूब सेवन करते हैं. लेकिन चाय या कॉफी एक कैफीन युक्त ड्रिंक हैं. जो शरीर में डिहाइड्रेशन का कारण बन सकती हैं. डिहाइड्रेशन के कारण लोगों को चक्कर, कमजोरी आदि की समस्या हो सकती है.

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