ओलंपिक में मेडल जीतना किसी भी एथलीट के लिए किसी सपने के साकार होने जैसे होता है. ओलंपिक मेडल को जीतने का सपना साकार कर पाना सभी एथलीट की किस्मत में नहीं होता. जो खिलाड़ी ओलंपिक में मेडल जीतते हैं उनके लिए वह मेडल शायद दुनिया की सबसे कीमती चीज होती है. लेकिन पोलैंड की जैवलिन थ्रोअर मारिया आंद्रेजक (Maria Andrejczyk) ने ओलंपिक में जीता हुआ अपना पदक बेच दिया, हालांकि जिस वजह से मारिया ने ऐसा किया वह जानकर शायद आप उनके फैन बन जाएंगे.

यह भी पढ़ें: 'हार को मन में बसने मत दो', पीएम मोदी ने रेसलर विनेश फोगाट का मनोबल बढ़ाया, देखें Video

क्यों बेचा अपना मेडल? 

मारिया आंद्रेजक ने इस साल हुए टोक्यो ओलंपिक में महिला जैवलिन थ्रो इवेंट का रजत पदक अपने नाम किया था. कुछ ही दिनों बाद उन्होंने इस पदक को ऑनलाइन नीलाम कर करीब डेढ़ करोड़ की रकम जुटा ली है. मारिया की जुटाई इस राशि का उपयोग पोलैंड के 8 महीने के बच्चे मिलोश्क मलीसा के इलाज के लिए होगा. मिलोश्क को दिल की गंभीर बीमारी है और उसका इलाज अमेरिका के एक अस्पताल में हो सकता है. बताया गया कि बच्चे के इलाज के लिए करीब 2.86 करोड़ रुपये की जरूरत है. मारिया ने अपने ओलंपिक पदक की नीलामी के साथ-साथ बाकी लोगों से भी सहयोग करने की मांग की है.

खुद भी कैंसर को हरा चुकी हैं मारिया  

मारिया के इस जज्बे को फिलहाल हर कोई सलाम कर रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मारिया खुद भी कैंसर से जंग लड़ चुकी हैं. 25 वर्षीय मारिया ने ओलंपिक पदक की नीलामी करने की वजह बताते हुए कहा, "मेडल केवल एक वस्तु है, लेकिन यह दूसरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. इस सिल्वर को एक लॉकअप में जमा करने के बजाय इससे किसी की जान बचाई जा सकती है. इसलिए मैंने बीमार बच्चे की मदद के लिए इसे नीलाम करने का फैसला किया."

लेकिन खास बात यह रही कि ओलंपिक मेडल की नीलमी जीतने वाली कम्पनी ने मारिया को उनका मेडल दोबारा लौटा दिया. 

यह भी पढ़ें: Video: पीएम मोदी ने नीरज चोपड़ा को सुनाया अटल जी का किस्सा, बजरंग पूनिया की पीठ थपथपाई