ताशकंद, 25 मई (भाषा) भारत के युवा भारोत्तोलक जेरेमी लालरिनुंगा की ओलंपिक कोटा हासिल करने की उम्मीद को मंगलवार को करारा झटका लगा क्योंकि वह यहां चल रही जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में मामूली अंतर से पोडियम स्थान से चूक गये।

जेरेमी को पिछले महीने यहां एशियाई चैम्पियनशिप में घुटने में चोट लग गयी थी। इस 18 साल के खिलाड़ी ने स्नैच में 135 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 165 किग्रा से कुल 300 किग्रा का वजन उठाया। वह महज एक किग्रा से 67 किग्रा वर्ग में तीसरे स्थान से चूक गये।

तुर्की के दो भारोत्तोलकों मोहम्मद फुरकान ओजबेक और यूसुफ फेहमी जेंक ने क्रमश: स्वर्ण और कांस्य पदक अपने नाम किये। कजाखस्तान के अकमोल्डा साईरामकेज ने रजत पदक जीता।

जेरेमी का स्वर्ण स्तर के ओलंपिक क्वालीफायर में प्रयास उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी कम था जो स्नैच में 140 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 167 किग्रा से कुल 306 किग्रा है।

अगर 26वीं रैंकिंग के भारोत्तोलक ने 313 किग्रा का वजन उठा लिया होता तो वह महाद्वीपीय कोटे से तोक्यो ओलंपिक का टिकट पक्का कर लेते।

दक्षिण कोरिया के हान मियोंग मोक के महाद्वीपीय कोटा के आधार पर ओलंपिक स्थान हासिल करने की संभावना है।

हालांकि 2018 युवा ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता जेरेमी अंतिम सूची बनने तक अभी तोक्यो खेलों की दौड़ से बाहर नहीं हुए है।

राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘जब तक अंतिम सूची तैयार नहीं हो जाती, हम यह नहीं कह सकते कि जेरेमी ने क्वालीफाई कर लिया है या नहीं। उसके पास अब भी मौका है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘रैंकिंग में एक ही देश के भारोत्तोलक उससे ऊपर हैं इसलिये इनमें से केवल एक ही हिस्सा ले सकता है, जैसे अभी कम्बोडिया या चीन के तीन भारोत्तोलक उससे आगे हैं। देश चार वर्गों में भारोत्तोलक उतार सकती है, जब तक सभी देश अंतिम भागीदारी की पुष्टि नहीं करते, हम कुछ नहीं कह सकते। ’’