नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्द्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने अनिवार्य हॉलमार्किंग प्रावधानों के तहत निर्यात से संबंधित कुछ मुद्दों पर सरकार से स्पष्टीकरण जारी करने को कहा है।

केंद्र ने सोमवार को सोने के आभूषणों और कलाकृतियों पर अनिवार्य हॉलमार्किंग की समयसीमा को 15 दिन और बढ़ाकर 15 जून कर दिया है। कोविड-19 महामारी की वजह से सरकार ने यह फैसला किया है।

जीजेईपीसी ने मंगलवार को कहा कि निर्यातक हॉलमार्किंग आदेश के दायरे से बाहर है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जो सर्राफा कारोबारी सिर्फ निर्यात लेनदेन करते हैं, वे पूरी तरह से इस आदेश के दायरे से बाहर हैं।

जीजेईपीसी के चेयरमैन कोलिन शाह ने कहा कि परिचालनगत चुनौतियां ये हैं कि सभी निर्यातक निर्यात और घरेलू क्षेत्र दोनों के लिए साझा भंडार रखते हैं।

उन्होंने कहा कि पूरी तरह विनिर्मित सोने के आभूषणों को जब तक घरेलू बिक्री के लिए नहीं रखा जाता है, उनके लिए हॉलमार्किंग प्रावधानों का अनुपालन अनिवार्य नहीं होना चाहिए।

जीजेईपीसी की स्वर्ण समिति के संयोजक के श्रीनिवासन ने कहा, ‘‘भारत में हॉलमार्क किए उत्पादों की देश के बाहर स्वीकार्यता नहीं है। ऐसे में यदि निर्यातक को पूर्ण या आंशिक रूप से हॉलमार्किंग के लिए कहा जाता है, तो इससे निर्यात कारोबार की लागत बढ़ेगी। इससे रत्न एवं आभूषणों का निर्यात आर्थिक दृष्टि से व्यावहारिक नहीं रह जाएगा।’’