रांची, 23 मई (भाषा) झारखंड सरकार ने ग्रामीण इलाकों में कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए सभी प्रखंडों में सर्वेक्षण अभियान की शुरुआत की है और उसके तहत स्वास्थ्य टीम कोरोना वायरस के लक्षण वाले लोगों की पहचान घर-घर जाएगी।

एक सरकारी बयान में बताया गया है कि सर्वेक्षण के दौरान अग्रिम मोर्चे के कर्मियों की टीमें पंचायत क्षेत्रों में घर-घर जाएंगी और वे उन क्षेत्रों में पिछले दो महीने में संक्रमण के किसी मामले, किसी परिवार में किसी की भी मौत होने या किसी में कोविड-19 के लक्षण सामने आने के बारे में जानकारी जुटाएंगी।

बयान में बताया गया, ‘‘अगर इस दौरान परिवार का कोई भी सदस्य संक्रमित पाया जाता है तो टीम परिवार के अन्य सदस्यों की कोविड-19 जांच सुनिश्चित करेगी।’’

राज्य सरकार की ओर से शनिवार को जारी बयान में बताया गया कि सभी 260 प्रखंडों में कोविड-19 जांच तेज करने के लिए कोविड कार्यबल का गठन किया है। इसके जरिए पृथकवास में रह रहे मरीजों के बीच जरूरी चीजों क किट का वितरण, एम्बुलेंस की उपलब्धता और कोविड-19 से मरने वाले मरीजों के शवों का वैज्ञानिक तरीके से अंतिम संस्कार किया जाना शामिल है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि राज्य में खासकर ग्रामीण इलाकों में वह एक योजना तैयार करके संभावित कोविड-19 मामलों की जानकारी का पता लगाने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण अभियान की शुरुआत करें।