#SushantCase: क्या पता असली कातिल #Justice की मांग करने वालों पर हंस रहा हो?

 

ऐसा नहीं हो सकता क्या कि सुशांत सिंह राजपूत किसी हीरो की तरह घोड़े पर बैठकर आए और मीडिया में फंसी अपनी प्रेमिका को बचा के ले जाए?

ये उतना ही इम्पॉसिबल लगता है जितना कि इस देश की जनता का ये मान लेना कि रिया चक्रवर्ती ने सुशांत का मर्डर नहीं किया है.

ये सब शुरू हुआ 14 जून को, जब सुशांत ने कथित रूप से आत्महत्या की. सुशांत के घर पहुंची पुलिस में कई लोगों को आदित्य पंचोली नजर आए. इसके बाद खबर उड़ी की सुशांत को फिल्मों से निकाला जा रहा था और इसमें प्रमुख्ता सलमान खान और करण जौहर का हाथ था.

लोगों ने सलमान खान का नाम सुनते ही उन्हें हत्यारा घोषित कर दिया और वीडियो/फ़ोटो के रूप में सोशल मीडिया पर सबूतों की बरसात कर दी. खान नाम सुनते ही कुछ लोगों ने बॉलीवुड में खांस को ही सुशांत की आत्महत्या का कारण मान लिया. सलमान के फैन्स हालांकि उनके साथ खड़े रहे और इसके चलते लोग शांत हो गए.

भीड़ न्याय की भूखी थी और उसे अब कोई और चाहिए था. नया बकरा करण जौहर बने. करण के इंटरव्यू के वीडियो शेयर किए गए और उन्हें कातिल नंबर-2 घोषित किया गया. दो बच्चों के सिंगल पैरेंट जौहर को जमकर गालियां दी गईं.

करण जौहर से ही जोड़ते हुए नेपोटिज्म का मुद्दा उठा. अलिया, सोनम और सोनाक्षी के इंस्टाग्राम पर गंदी-गंदी गालियां लिखी गईं. हालांकि इन महिलाओं के पास भी अच्छी खासी मात्रा में समर्थक थे और उन्होंने इनका बचाव भी किया.

तो अबतक तीन तरह की स्टोरी लिखी जा चुकी थी, लेकिन किसी हिंदी टीवी सीरियल की तरह इसमें अभी तक भूत प्रेत और टोना टोटका जैसी बात नहीं हुई थी. यानी अभी न्याय मांग रही जनता को मजा नहीं आया था. नया मोड़ आया रिया चक्रवर्ती की एंट्री से. चक्रवर्ती यानी बंगाली मतलब काल जादू. अपनी नई क्रेएटिविटी से न्याय मांग रही जनता बहुत उत्साहित थी. मीडिया को भी अब इस केस में मजा आने लगा था, जैसा मारिजुआना  लेने पर आता है. हेडलाइन बनी, 'रिया का तंत्र मंत्र और तिजोरी'.

अब न्याय मांग रही जनता और मीडिया दोनों को परफेक्ट 'कातिल' मिल गया था. जिसपर आसानी से 'गोल्ड-डिगर', 'बेवफा गर्लफ्रैंड', 'परिवार को तोड़ने वाली लड़की', और 'ड्रग एडिक्ट' जैसे आरोप लगाए जा सकते थे. सरकार भी इस केस में दरियादिली दिखाने के मूड में थी, सो CBI के साथ ED और NCB मुफ्त में दे दिए.

सबसे पहले 'गोल्ड-डिगर' पर काम शुरू हुआ. ED ने रिया के पूरे परिवार को अपने दफ्तर आमंत्रित किया. अंदर ED के दफ्तर में क्या हुआ ये किसी को नहीं पता, लेकिन मीडिया में   दो हजार के नए नोट की तरह खबरें तेजी से छप रही थीं. मालूम चला रिया ने सुशांत के साथ यूरोप ट्रिप किया. मसालों के साथ नींबू निचोड़ के चटपटी खबर बनाई जाने लगीं. पूरा प्रयास था कि रिया पैसे ऐंठने वाली गर्लफ्रैंड दिखें. लाखों की शॉपिंग की रसीद की बात होने लगी. पूछा गया कि रिया ने इतना महंगा वकील कहां से किया. हालांकि जल्द बोर हो जाने वाली जनता इससे भी बोर हो गई.

कहानी को नया ट्विस्ट देने के लिए NCB की वाइल्ड कार्ड एंट्री हुई. एक तरफ NCB मुंबई के किसी रिसॉर्ट पहुंची और दूसरी तरफ मारिजुआना के मजे में अभी तक मस्त एंकर ने चिल्ला-चिल्ला कर ड्रग्स मांगना शुरू कर दिया. ये मामला जनता और मीडिया दोनों को शूट किया. खूब तहकीकात हुई. कातिल से ड्रगी बनी रिया को उसके भाई के साथ जेल में डाल दिया गया. सोशल मीडिया पर बधाइयां बाटी गईं, खुशी में न्याय का मूर्ति विसर्जन कर दिया गया.

#CBIforSushant की मांग थी, लगा था CBI कातिल को ढूंढ निकालेगी, लेकिम NCB के सामने CBI और ड्रग्स के सामने कातिल गायब हो गया.

जनता फिर से बोर हो रही है, हालांकि किसी मसीहा ने मनाली का मारिजुआना फूंक कर 'कराची' बन चुके मुंबई में कदम रखा है. उम्मीद है ये मसीह जनता को गुदगुदाता रहेगा. बाबर, मंदिर और कश्मीरी पंडितों के गड़े मुर्दे उखाड़कर उनसे कुच्चीपुड़ी और भरत नाट्यम करवाएगा.