दिल्ली हाईकोर्ट में गाना गाया गया. एक्टर जूही चावला ने दिल्ली हाईकोर्ट में टेलिकॉम कम्पनीज को 5G ट्रायल करने से रोकने संबंधी एक याचिका दायर की थी. इसी याचिका की 2 जून को वर्चुअल सुनवाई के दौरान एक शख्स ने जूही चावला की फिल्मों के तीन गानें गाए. इससे जज नाराज हो गए. जज ने उस शख्स को बाहर निकालने का आदेश दिया लेकिन वो फिर आ गया और गाना गाने लगा.

जज जेआर मिधा सुनवाई कर रहे थे तभी एक शख्स जूही चावला और आमिर खान की फिल्म 'हम हैं रही प्यार के' का 'घूंघट की आड़ में' गाना गाने लगा. जज ने उसे म्यूट करने को कहा.

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उस शख्स को मीटिंग से बाहर निकला गया, लेकिन वह फिर जुड़ गया और 1995 में आई फिल्म 'नाजायज' का 'लाल-लाल होंठों पर गोरी तेरा नाम है' गाना गाने लगा. इसके बाद उसने 'आईना' फिल्म का 'मेरी बन्नो की आएगी बारात' गाना भी गाया. उसे फिर वर्चुअल हियरिंग से बाहर निकाला गया.

इसका जवाब देते हुए चावला के वकील ने कहा, "ऐसा लगता है कि व्यक्ति पहले से ही 4जी रेडिएशन से प्रभावित है."

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जूही चावला ने भारत में 5G ट्रायल रोकने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी. जूही का मानना है कि 5G के ट्रायल से पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा. 

जूही चावला, वीरेश मलिक और टीना वाचानी की दायर याचिका में कहा गया है कि अगर दूरसंचार उद्योग की 5G की योजना सफल होती है, तो पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति, पशु, पक्षी, कीट और पौधा 24 घंटे और साल में 364 दिन, आरएफ विकिरण के स्तर तक जो आज की तुलना में 10 गुना से 100 गुना अधिक है, जोखिम से बचने में सक्षम नहीं होगा.