झांसी (उत्तर प्रदेश), 23 मई (भाषा) समीक्षा बैठक के लिए रविवार को झांसी आए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से एक कॉलेज के कुछ जूनियर डॉक्टरों को मिलने नहीं दिया गया। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि बैठक में व्यवधान ना पड़े, इसलिए ऐसा किया गया।

सूत्रों ने बताया कि जूनियर डॉक्टर झांसी मेडिकल कॉलेज के थे और वे मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे जिसमें संस्थान की सेंट्रल लाइब्रेरी को 24घंटे खुला रखने सहित अन्य मांगे थीं।

झांसी के जिला मजिस्ट्रेट आंद्रा वामसी ने बताया कि जूनियर डॉक्टरों की मुख्यमंत्री से मिलने की पहले से कोई योजना नहीं थी।

अधिकारी ने बताया कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कोई खलल ना हो। वामसी ने कहा कि किसी जूनियर डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं किया गया था।

बाद में डीएम, और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के साथ जूनियर डॉक्टरों की बैठक हुई। डॉक्टरों को उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है।

झांसी की घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “यूपी सरकार का मॉडल है कि जरूरत के वक्त अनुपस्थित रहो और झूठा प्रचार करो लेकिन जो लोग जनता की सेवा में लगे हों उन्हें गिरफ्तार करो।”

उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में दावा किया, “पुलिस ने कुछ रेजिडेंट डॉक्टरों को गिरफ्तार किया क्योंकि वे मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी तीन मांगें रखने गए थे।”

प्रियंका गांधी ने पूछा, “क्या ये मांग गलत हैं?”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को उनकी मांग सुननी चाहिए थी।