मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश की शासकीय नौकरियां अब केवल राज्य के बच्चों को ही दी जाएंगी और इसके लिए हम आवश्यक कानूनी प्रावधान कर रहे हैं. चौहान के इस ऐलान के बाद कांग्रेस नेता व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि यह आगामी चुनावों को देखते हुए मात्र चुनावी घोषणा बन कर ना रह जाए, इस बात का ध्यान रखा जावे अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी.

कमलनाथ ने पांच ट्वीट किए

पूर्व सीएम कमलनाथ ने सरकार के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए सिलसिलेवार पांच ट्वीट किए. उन्होंने कहा, "मैंने अपनी 15 माह की सरकार में प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता से रोज़गार मिले , इसके लिये कई प्रावधान किये. मैंने हमारी सरकार बनते ही उद्योग नीति में परिवर्तन कर 70% प्रदेश के स्थानीय युवाओं को रोज़गार देना अनिवार्य किया." 

कमलनाथ ने आगे लिखा, "हमने युवा स्वाभिमान योजना लागू कर युवाओं को रोज़गार मिले , इसके लिये कई महत्वपूर्ण निर्णय किये. आपकी 15 साल की सरकार में प्रदेश में बेरोज़गारी की क्या स्थिति रही , यह किसी से छिपी नहीं. युवा हाथो में डिग्री लेकर नौकरी के लिये दर - दर भटकते रहे." 

कमलनाथ ने आगे ट्वीट में लिखा, "क्लर्क व चपरासी की नौकरी तक के लिये हज़ारों डिग्री धारी लाइनों में लगते रहे. मज़दूरों व ग़रीबों के आँकड़े इसकी वास्तविकता ख़ुद बयां कर रहे है. अपनी पिछली 15 वर्ष की सरकार में कितने युवाओं को आपकी सरकार ने रोज़गार दिया , यह भी पहले आपको सामने लाना चाहिये."

पूर्व सीएम कमलनाथ ने लिखा, "चलिये आप 15 वर्ष बाद आज युवाओं के रोजगार को लेकर नींद से जागे , आज आपने प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता से नौकरी देने के हमारे निर्णय के अनुरूप ही घोषणा की लेकिन यह पूर्व की तरह ही सिर्फ़ घोषणा बन कर ही ना रह जाये." 

अपने आखिरी ट्वीट में शिवराज सरकार को चेतावनी देते हुए कमलनाथ ने कहा, "प्रदेश के युवाओं के हक़ के साथ पिछले 15 वर्ष की तरह वर्तमान में भी छलावा ना हो , वे ठगे ना जाये , यह आगामी उपचुनावों को देखते हुए मात्र चुनावी घोषणा बन कर ना रह जाये , इस बात का ध्यान रखा जावे अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी."

शिवराज ने किया था ये बड़ा ऐलान 

चौहान ने मंगलवार को वीडियो संदेश जारी कर कहा, ‘‘आज मध्य प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला किया है. प्रदेश की शासकीय नौकरियां अब केवल राज्य के बच्चों को ही दी जाएगी." उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए हम आवश्यक कानूनी प्रावधान कर रहे हैं.’’ चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश का संसाधन राज्य के बच्चों के लिए हैं.