कांग्रेस में भाकपा नेता कन्हैया कुमार के शामिल होने से कुछ घंटे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को पार्टी के निर्णय पर सवाल उठाते हुए एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कुछ कम्युनिस्ट नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें हैं, ऐसे में 1973 में छपी ‘कम्युनिस्ट इन कांग्रेस’ पढ़ी जानी चाहिए. 

मोहन कुमारमंगलम की एक पुस्तक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "जितनी अधिक चीजें बदली जाती हैं, उतनी ही वे वही रहती हैं." 

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मनीष तिवारी ने कहा, "चूंकि कुछ कम्युनिस्ट नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं, इसलिए शायद 1973 की किताब 'कम्युनिस्ट्स इन कांग्रेस' कुमारमंगलम थीसिस पर फिर से विचार करना अच्छा रहेगा. जितनी अधिक चीजें बदलती हैं, वे शायद वैसी ही रहती हैं. मैंने आज इसे फिर से पढ़ा."

तिवारी उन 23 नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में सुधारों और बदलावों की मांग की थी. 

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता कन्हैया कुमार और गुजरात के एससी नेता जिग्नेश मेवानी मंगलवार शाम को कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं.

बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला

बीजेपी नेता अमित मालवीय ने ट्वीट किया, "सर्जिकल स्ट्राइक की बरसी पर कांग्रेस 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' फेम कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी को स्वीकार कर रही है. यह महज इत्तेफाक नहीं हो सकता. 'ब्रेकिंग इंडिया' ताकतों के साथ हाथ मिलाना अब कांग्रेस की आदत है."

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा का कहना है कि टुकड़े-टुकड़े गैंग ने "भारत तेरे टुकड़े होंगे’ का नारा दिया था, इन्हें कांग्रेस अपनी पार्टी में शामिल कर रही है. राहुल गांधी पहले ही जेएनयू में जाकर इनके साथ खड़े हुए थे और अब वो इस ओर आ रहे हैं."

दिल्ली में जेएनयू कैंपस में लगे विवादित नारे के दौरान कन्हैया कुमार सुर्खियों में आए थे. उस समय वह जेएनयूएसयू के अध्यक्ष थे. इसके बाद से ही कन्हैया कुमार लगातार चर्चा में बने रहे. वह केंद्र सरकार के खिलाफ भी निशाना साधते रहते हैं.

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