उत्तर प्रदेश का गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है. उस पर आठ पुलिसवालों की हत्या का आरोप था. गुरुवार को ही मध्य प्रदेश के उज्जैन से उसकी गिरफ्तारी हुई थी. इसके बाद यूपी एसटीएफ उसे लेकर कानपुर जा रही थी कि रास्ते में गाड़ी पलटने के बाद विकास ने भागने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस मुठभेड़ में वह मारा गया.

इस घटनाक्रम से जुड़ी खास बातें यहां जानें
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2 जुलाई की रात कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू में पुलिस विकास दुबे को पकड़ने पहुंची थी. लेकिन विकास दुबे को कथित रूप से इस बात की जानकारी थी और उसने पुलिस की टीम पर हमला कर दिया. इस हमले में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इस मुठभेड में 5 पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक भी घायल हुए थे.
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3 जुलाई की सुबह तक विकास दुबे के बिकरू गांव में भारी लाव-लश्कर से साथ कई पुलिस अधिकारी पहुंचे लेकिन तब तक विकास दुबे फरार हो चुका था.
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विकास दुबे को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए 40 थानों की पुलिस की 25 टीमों को लगाया गया था, जो दिन रात विकास को तलाश रहे हैं. इसके अलावा एसटीएफ की टीम भी मामले में जांच कर रही थी.
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विकास दुबे का घर जिला प्रशासन द्वारा ध्वस्त कर दिया था. इस बारे में पुलिस ने कहा था कि गांव के लोगों का कहना है कि दुबे ने दबंगई और गुंडागर्दी से लोगों की जमीन पर कब्जा किया था और लोगो से वसूली कर घर बनाया था. गांव में यह अपराध का गढ़ था जिससे गांव वालों में उसके प्रति बहुत गुस्सा था.
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इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं. पहले चौबेपुर एसएचओ विनय तिवारी को शक के घेरे में लेते हुए निलंबित कर दिया गया था. तीन और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था. इन पर विकास दुबे की मुखबिरी का आरोप है.
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विकास दुबे के बारे में सूचना देने के लिए राशि 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई थी.
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कानपुर शूटआउट में फरार होने के बाद विकास दुबे को लेकर कई तरह की खबरें थी कि वह नेपाल भाग गया है, लेकिन आखिरी बाद उसे फरीदाबाद में देखा गया था. फिर गुरुवार को अचानक खबर आई कि विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया.
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मंदिर में वह पर्ची लेकर घुसा. गार्ड को उस पर शक हुआ. गार्ड ने ही पुलिस को सूचना दी, उसके बाद विकासदुबे को गिरफ्तार किया गया.मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की थी.
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जब विकास दुबे को पुलिस गाड़ी में बिठा रही थी तो वह चिल्लाया कि मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला.इसके बाद एसटीएफ की टीम रवाना हो गई थी और विकास दुबे को मध्य प्रदेश से कानपुर लाने के लिए चली.
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10 जुलाई आज सुबह करीब 7 बजे ये खबर आई कि एसटीएफ की गाड़ी पलट गई थी. इसी दौरान विकास ने पुलिसवालों की पिस्टल लेकर भागने की कोशिश की, जिसके चलते हुए मुठभेड़ में वह मारा गया. ये पुष्टि यूपी पुलिस ने की