बेंगलुरु, 23 मई (भाषा) कोविड-19 संकट के प्रबंधन को लेकर कर्नाटक सरकार का बचाव करते हुए स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने रविवार को कहा कि राजस्व की कमी के बावजूद इस महामारी पर काबू पाने के लिए राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना में काफी वृद्धि की गयी है।

मंत्री के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि रोजाना डेढ़ से दो लाख नमूनों की जांच की क्षमता, 1,015 मीट्रिक ऑक्सीजन की उपलब्धता, 22000 से अधिक बिस्तरों की व्यवस्था, जरूरत के हिसाब से रेमडेसिविर की आपूर्ति राज्य सरकार द्वारा उठाये गये विभिन्न कदमों में शामिल हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कनार्टक में स्वास्थ्य अवसंरचना में सुधार के लिए मिलकर काम किया। उसमें दावा किया गया है कि इससे दूसरी लहर के प्रभावों को कम करने और मरीजों को समय से उपचार प्रदान करने में मदद मिली।

बयान में कहा गया है, ‘‘इस महामारी के दौरान स्वास्थ्य अवसंरचना में अहम बदलाव हासिल किये गये। राजस्व की कमी के बाद भी सारे संसाधन स्वास्थ्य अवसंरचना बढ़ाने में लगाये गये।’’

मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब खासकर दूसरी लहर के दौरान कोविड संकट के प्रबंधन को लेकर सरकार विपक्षी दलों समेत विभिन्न वर्गों के निशाने पर है। वे सभी बिस्तरों, ऑक्सीजन, अहम दवाओं की कमी एवं टीकाकरण का मुद्दा उठा रहे हैं।