मुस्लिम लीग के वरिष्ठ विधायक और केरल के पूर्व मंत्री एम के मुनीर (M K Muneer) को बुधवार को तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के लोगों के खिलाफ कथित तौर पर की गई क्रूरता के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसके चलते उन्हें एक बेनाम धमकी भरा पत्र मिला. 

मुनीर ने कहा कि उन्हें आज सुबह मिले पत्र में कहा गया है कि अगर वह 24 घंटे में अपने फेसबुक पेज से तालिबान विरोधी पोस्ट को वापस लेने में विफल रहे, तो उनकी और उनके परिवार की हत्या कर दी जाएगी. 

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"तालिबान ओरु विस्मयम" (तालिबान, एक विस्मय) के नाम से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मुनीर की फेसबुक पोस्ट उनके "मुस्लिम विरोधी" विचारों पर आधारित थी.

कोझिकोड के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज इलाके से पोस्ट किए गए पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि मुनीर का हश्र थोडुपुझा के प्रोफेसर टीजे जोसेफ जैसा होगा, जिनका हाथ 2010 में ईशनिंदा के आरोप में काट दिया गया था.

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मुनीर ने बताया कि वह मामले की जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता पर पिछले हफ्ते तालिबान विरोधी पोस्ट के लिए गंभीर ऑनलाइन हमले हुए थे.

बता दें कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के ऐलान के महज 2 हफ्ते के अंदर कट्टर इस्लामिक विचारधारा वाले संगठन तालिबान ने पिछले हफ्ते अफगानिस्तान पर कब्ज़ा कर लिया था. तालिबान सालों से अफगानिस्तान में हिंसा करता आ रहा है. उसने महिलाओं, अल्पशंख्यक शिया समुदाय के लोगों को ख़ास निशाना बनाया है. 

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