हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा में गिर गया. सीएम खट्टर ने प्रस्ताव गिरने के बाद कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. साथ ही उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिन लोगों ने विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया है वोटों के माध्यम से उनको जवाब दे दिया गया है.

सीएम खट्टर ने कहा, "आज विपक्ष (कांग्रेस) विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे, उन्होंने पहले ही ये बात मान ली थी कि हम सिर्फ चर्चा के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं, ये सरकार को गिराने के लिए नहीं है. हमने उनकी आपत्तियों पर एक-एक करके बात कहीं. उनका अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा."

साथ ही किसान आंदोलन पर खट्टर ने कहा, "कल संयुक्त किसान मोर्चा ने बातचीत करने के लिए 9 सदस्यीय कमेटी बनाई है. बातचीत फिर होकर कोई हल निकाला जाए. ये किसान आंदोलन किसी के हित में नहीं है, इससे नुकसान बहुत हो रहा है."

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वहीं अविश्वास प्रस्ताव पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा, "आज सदन के अंदर कई लोगों के चेहरों से नकाब हटे. वे लोग जो कहते थे कि कृषि के 3 क़ानून काले हैं, उन्होंने सदन में माना ये काले क़ानून नहीं हैं. इन लोगों का लक्ष्य कृषि क़ानूनों को वापस लेना नहीं है. उनका लक्ष्य है किसी तरह सत्ता में दोबारा आएं."

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को आसानी से पराजित कर राज्य सरकार ने विश्वासमत जीत लिया. मतों के विभाजन के बाद यह प्रस्ताव गिर गया. प्रस्ताव पर छह घंटे तक चली मैराथन चर्चा के अंत में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने सदन में घोषणा की कि अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ 55 और पक्ष में 32 मत पड़े.

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पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के नेता बी एस हुड्डा ने अध्यक्ष से अनुरोध किया था कि अविश्वास प्रस्ताव पर गुप्त मतदान की अनुमति दी जाए. अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट डालने वाले 55 सदस्यों में से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 39, उसकी सहयोगी जननायक जनता पार्टी (जजपा) के 10, पांच निर्दलीय और हरियाणा लोकहित पार्टी से गोपाल कांडा शामिल हैं.

विधानसभा में अध्यक्ष समेत भाजपा के 40 सदस्य हैं. कांग्रेस के 30 सदस्यों और दो निर्दलीय विधायकों बलराज कुंडू और सोमबीर सांगवान ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया. हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में सदस्यों की कुल संख्या 88 है, जिसमें सत्तारूढ़ भाजपा के 40 सदस्य, जजपा के दस और कांग्रेस के 30 सदस्य हैं.

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