नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के निकट प्रदर्शन कर रहे किसानों द्वारा कोविड सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने संबंधी आरोपों को लेकर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को नोटिस जारी किया है।

आयोग ने इन सरकारों से कहा है कि प्रदर्शन स्थलों पर कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के संदर्भ में वे चार सप्ताह के भीतर कार्यवाही रिपोर्ट दें।

मानवाधिकार आयोग की ओर से जारी बयान के अनुसार, आयोग ने कहा कि भारत कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का सामना कर रहा है और ऐसे में ये प्रदर्शनकारी न सिर्फ अपना जीवन खतरे में डाल रहे हैं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में दूसरों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं क्योंकि वे वायरस के ‘संभावित वाहक’ हो सकते हैं।

बयान में कहा गया है कि आयोग ने प्रदर्शनकारी किसानों की भारी भीड़ जमा होने से जुड़ी एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है।

आयोग ने कहा, ‘‘शिकायकर्ता ने कहा है कि इन विरोध प्रदर्शनों में अब तक 300 से ज्यादा किसानों की मौत विभिन्न कारणों से हुई है। इनमें कोरोना संक्रमण भी एक कारण है। ब्लैक फंगस के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है।’’

गौरतलब है कि दिल्ली के निकट टिकरी और सिंघु बॉर्डर (हरियाणा) तथा गाजीपुर बॉर्डर (उत्तर प्रदेश) पर किसान पिछले छह महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दिए जाने की है।