नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. किसान नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार को कहा कि हमारी आगे की रणनीति होगी कि अनाज को कम कीमत पर नहीं बिकने देंगे, जो MSP है उस से कम पर खरीद नहीं होगी.

टिकैत ने कहा, "किसान मोर्चें ने तय कर लिया है कि व्यापारी भूख पे कीमतें तय नहीं करेगा. आम जनता की अनाज और रोटी तिजोरी में बंद नहीं होगी."

साथ ही गतिरोध के जल्द समाप्त ना होने की संभावना के बीच दिल्ली से लगे सिंघू बॉर्डर पर किसानों ने लंबी लड़ाई के लिए प्रदर्शन स्थल पर बुनियादी ढ़ांचे मजबूत करने शुरू कर दिए हैं. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के तीन कानूनों को वापस लेने और उनकी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने तक आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई है.

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सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन स्थल पर साजो-सामान का प्रबंधन देखने वाले दीप खत्री ने कहा, ‘‘हम लंबे समय तक प्रदर्शन करने के लिए अपनी संचार-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे मजबूत कर रहे हैं.’’ मोर्चा मुख्य मंच के पास और जीटी करनाल रोड पर प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए 100 सीसीटीवी कैमरे लगा रहा है. 

दिल्ली से लगे गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे मोर्चा के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को कहा था कि किसान आंदोलन लंबा चलने वाला है और आने वाले दिनों में यह देशभर में फैलेगा. नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर हजारों किसान दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर गत वर्ष नवम्बर से डटे हुए हैं.

सरकार और प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच अभी तक 11 दौर की बैठकें बेनतीजा रही है. टिकैत ने बुधवार को कहा था कि सरकार को मुद्दे का समाधान तलाशने के लिए किसान नेताओं से बात करनी चाहिए.

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