निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में कराए जाने की घोषणा का राज्य की राजनीतिक पार्टियों ने स्वागत किया है. बता दें कि इस चुनाव में दोनों प्रमुख गठबंधनों को जीत का भरोसा है. निर्वाचान आयोग ने 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को तीन चरणों में मतदान कराने और 10 नवंबर को मतगणना कराने की घोषणा की है.

चुनाव तरीखों की घोषणा का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि राज्य की जनता पहले ही सरकार बदलने का मन बना चुकी है.

उन्होंने कहा, ‘‘ बिहार की जनता नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है क्योंकि वे मुख्यमंत्री से छला हुआ महसूस कर रही है जिन्होंने 2015 के जनादेश को खंडित किया. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को इस चुनाव में बुरी तरह से हार मिलेगी और हमारा महागठबंधन चुनाव के बाद सत्ता में आएगा.’’

तेजस्वी ने कहा कि बढ़ते अपराध, गरीबी, बेरोजगारी, पलायन, भ्रष्टाचार और किसानों का मुद्दा चुनाव का मुख्य एजेंडा होगा.

आरजेडी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी ने कहा, ‘‘ हमारी सीधी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से है जो चुनावी मुकाबले में कहीं नहीं टिकती.’’

सत्तारूढ़ जेडीयू और बीजेपी ने भी चुनाव की तारीखों की घोषणा का स्वागत किया और दावा किया कि चुनाव में राजग करीब 220 सीटों पर जीत दर्ज करेगी और विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो जाएगा.

जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, ‘‘यह एकतरफा चुनाव होगा क्योंकि इस बार हमारे मुकाबले में कोई नहीं है. हम 220 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेंगे. यह सही कहा जाता है कि तेजस्वी, नीतीश कुमार का विकल्प नहीं हो सकते.’’

उन्होंने कहा, ‘‘महागठबंधन में दरारें साफ दिख रही हैं. गठबंधन का एक साथी (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा या हम) पहले ही छोड़कर जा चुका है जबकि अन्य (राष्ट्रीय लोक समता पार्टी या आरएलएसपी) भी गठबंधन तोड़ सकता है.’’

उन्होंने दावा किया कि आरजेडी का प्रदर्शन वर्ष 2010 के चुनाव से भी खराब होगा.

उल्लेखनीय है कि 2010 के चुनाव में 243 सदस्यीय विधानसभा में आरजेडी को 22 सीटों पर जीत मिली थी जबकि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजग को भारी बहुमत मिला था.

बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने चुनाव कराने के लिए निवार्चन आयोग द्वारा की जा रही तैयारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पार्टी नेता और कार्यकर्ता चुनावों की तारीख घोषित होने से उत्साहित हैं.

उन्होंने दावा किया, ‘‘राजग एक साथ चुनाव मैदान में उतरेगा और 220 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगा.’’

उन्होंने कहा कि दूसरी ओर महागठबंधन जिसका न तो नेतृत्व है और न ही नीति, इस चुनाव में उसका पूरी तरह से सफाया हो जाएगा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा हासिल करने लायक सीटें भी जीतने के लिए उन्हें संघर्ष का सामना करना पड़ेगा.

आनंद ने कहा कि राजग चुनाव में विकसित बिहार और आत्मनिर्भर बिहार की दृष्टि के साथ उतरेगा.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी जो हाल में महागठबंधन से अलग होकर राजग में शामिल हुए थे, ने चुनाव की तरीखों की घोषणा का स्वागत किया और नीतीश कुमार के दोबारा सत्ता में आने का भरोसा जताया.

मांझी ने ट्वीट किया, ‘‘हम निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव कराए जाने की घोषणा का स्वागत करते हैं. यह चुनाव 15 साल के सुशासन बनाम 15 साल के जंगल राज के बीच है. बिहार की जनता उन्हें (नीतीश) दोबारा सत्ता सौंपेंगी क्योंकि उन्होंने उनकी (जनता) ठीक से सेवा की है.

गौरतलब है कि आरजेडी ने बिहार में 1990 से 2005 तक शासन किया और इस दौर में कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर विरोधियों के निशाने पर रही.

महागठबंधन में अहम घटक कांग्रेस ने कहा कि जनता ने इस सरकार को बदलने का मन बना लिया है और विपक्षी गठबंधन को सत्ता में लाने के लिए मतदान करेगी.

बिहार में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा, ‘‘ पार्टी निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तारीख घोषित किए जाने का स्वागत करती है. हम चुनाव के लिए तैयार हैं और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अनुपालन करेंगे. राज्य की जनता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नाराज है क्योंकि उन्होंने न केवल 2015 के विधानसभा के जनादेश को खंडित किया बल्कि सभी मोर्चों पर भी असफल रहे.’’