कोरोना वायरस संकट के बीच सोमवार शाम पांच बजे पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि देश ने महामारी के इस समय में कई मोर्चे पर जंग लड़ी. पीएम ने कहा कि आधुनिक दुनिया ने पिछले 100 साल में सबसे बड़ी महामारी का सामना किया है. 

पीएम मोदी ने कहा, "भारत कोरोना की लहर के दौरान बहुत बड़ी पीड़ा से गुजरा है. हममे से कई लोगों ने अपनों को खोया है. ऐसे परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है. बीते 100 सालों में आई यह सबसे बड़ी महामारी है. इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने कभी नहीं देखी थी." 

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देश में सभी को मुफ्त वैक्सीन मिलेगी

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "देश की किसी भी राज्य सरकार को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना होगा. अब तक देश के करोड़ों लोगों को मुफ्त वैक्सीन मिली है. अब 18 वर्ष की आयु के लोग भी इसमें जुड़ जाएंगे. सभी देशवासियों के लिए भारत सरकार ही मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी." 

दीपावली तक चलेगी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

पीएम ने कहा, "आज सरकार ने फैसला लिया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को अब दीपावली तक आगे बढ़ाया जाएगा. महामारी के इस समय में, सरकार गरीब की हर जरूरत के साथ, उसका साथी बनकर खड़ी है. यानि नवंबर तक 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को, हर महीने तय मात्रा में मुफ्त अनाज उपलब्ध होगा." 

ऑक्सीजन संकट पर बोले

पीएम ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई के दौरान आए ऑक्सीजन संकट को लेकर कहा, "कोविड से लड़ने के लिए पिछले सवा साल में देश में नया हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया. दूसरी लहर के दौरान मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई थी. इसे पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया गया. ऑक्सीजन को पूरा करने के लिए सरकार के सभी तंत्र काम में लग गए."

वैक्सीन को लेकर बोले 

पीएम ने कहा, "वैक्सीन हमारे लिए सुरक्षा कवच की तरह है. आज पूरे विश्व में वैक्सीन के लिए जो मांग है, उसकी तुलना में उत्पादन करने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं. कल्पना करिए कि अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता?"

पीएम ने आगे कहा, "आप पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे. विदेशों में वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था."

पीएम बोले कि पोलियो की वैक्सीन हो, चेचक की वैक्सीन हो, हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन हो, इनके लिए देशवासियों ने दशकों तक इंतजार किया था. 

अपनी सरकार का बचाव करते हुए पीएम ने कहा, "2014 में जब देशवासियों ने हमें सेवा का अवसर दिया तो भारत में वैक्सीनेशन का कवरेज सिर्फ 60 प्रतिशत के आसपास था." 

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