प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को राज्य में बिजली और शहरी क्षेत्र की कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया उनमें 320 केवी पुगलुर (तमिलनाडु) - त्रिशूर (केरल) बिजली संचरण परियोजना, 50 मेगावाट कासरगोड सौर ऊर्जा परियोजना और अरुविकारा में बने 75 एमएलडी (दस लाख लीटर प्रतिदिन) का जल प्रशोधन संयंत्र शामिल है.

इसके साथ ही उन्होंने तिरुवनंतपुरम में एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र तथा तिरुवनंतपुरम में ही स्मार्ट सड़क परियोजना की आधारशिला भी रखी.

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इस अवसर पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के साथ-साथ केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर के सिंह और आवास व शहरी मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी उपस्थित थे.

पुगलुर - त्रिशूर पावर ट्रांसमिशन परियोजना एवं गलुर-त्रिशूर बिजली संचरण परियोजना एक वोल्टेज सोर्स कन्वर्टर (वीएससी) आधारित हाई वोल्टेड डायरेक्ट करेंट (एचवीडीसी) परियोजना है और इसमें भारत का पहला एचवीडीसी लिंक है जिसमें अत्याधुनिक वीएससी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.

लगभग 5070 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, यह परियोजना पश्चिमी क्षेत्र से 2000 मेगावाट बिजली भेजने की सुविधा प्रदान करेगा और केरल के लोगों के लिए लोड में वृद्धि को पूरा करने में मदद करेगी.

कासरगोड सौर ऊर्जा परियोजना को राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के तहत विकसित किया गया है. कासरगोड जिले के पिवलीक, मींजा और चिप्पर गांवों में 250 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैली इस परियोजना का निर्माण केंद्र सरकार के करीब 280 करोड़ रुपये की मदद से किया गया है.

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