इंदौर (मध्य प्रदेश), 26 मई (भाषा) कोविड-19 की महामारी के चलते कारोबार और अन्य क्षेत्रों के सामने उत्पन्न चुनौतियों से निपटने का खाका तैयार करने के लिए इंदौर के भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) ने जर्मन विकास एजेंसी जीआईजेड से हाथ मिलाया है।

आईआईएम की ओर से बुधवार को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक इस गठजोड़ के तहत इंदौर स्थित संस्थान को द ड्यूश गेसेलशाफ्ट फर इंटरनेशनेल जुसामेनरबीट जीएमबीएच (जीआईजेड) से 85.3 लाख रुपये का शोध अनुदान भी प्राप्त हुआ है। जीआईजेड, जर्मनी के आर्थिक सहयोग और विकास के संघीय मंत्रालय (बीएमजेड) से संबद्ध है ।

विज्ञप्ति के मुताबिक आईआईएम इंदौर और जर्मन विकास एजेंसी के गठजोड़ का मकसद कारोबार और अन्य क्षेत्रों पर कोविड-19 के प्रभावों का अध्ययन करते हुए महामारी की चुनौतियों से निपटने का समाधानपरक खाका तैयार करना है।

विज्ञप्ति में बताया गया कि इस गठजोड़ में दो पुस्तकें, शोध और केस स्टडी तैयार करना शामिल हैं।