नयी दिल्ली 26 मई (भाषा) उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष उदय कोटक ने कोविड-19 की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित निम्न वर्ग और छोटे एवं मध्यम कारोबारियों की मदद के लिए सरकार से एक और आर्थिक पैकेज पर विचार करने की सिफारिश की है।

कोटक ने बुधवार को पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि सरकार छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी के दिए जाने वाले कर्ज को क्रेडिट गारंटी योजना के तहत 3 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 लाख करोड़ रुपये करने पर विचार कर सकती है।

पिछले साल केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज के हिस्से के रूप में 3 लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की घोषणा की थी।

कोटक ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर का काफी प्रतिकूल असर पड़ा है और इसने अप्रैल और मई के दौरान विशेष कर पूरे देश को हिला कर रख दिया।

उन्होंने दूसरी लहर के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) पर प्रभाव को लेकर कहा, ‘‘शुरूआती संकेतो से पता चलता है कि लहर का अर्थव्यवस्था और वृद्धि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर 11 प्रतिशत रहने का अनुमान है। लेकिन यह कहना सही होगा कि इसके कम होने की आशंका है। यह दस प्रतिशत से कम रह सकती है। हमें अभी स्थिति पर नजर रखनी होगी।’’

कोटक ने कहा, ‘‘निम्न वर्ग और छोटे एवं मध्यम कारोबारियों का समर्थन करने के लिए सरकार से निश्चित तौर पर एक ओर आर्थिक पैकेज लाने की सिफारिश करूंगा। एसएमई (सूक्ष्म और मझोले उद्यम) क्षेत्र का समर्थन करने के लिए सरकार क्रेडिट गारंटी योजना के तहत एक अतिरिक्त पैकेज जारी कर सकती है।’’

भाषा जतिन रमण

रमण